मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले– “जल संरक्षण को बनाएंगे जन आंदोलन” ; रायपुर में ‘स्रोतः महोत्सव 2026’ का आयोजन
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल संसाधन विभाग द्वारा एक…
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33 जिलों में उत्साह के साथ दर्ज हुईं 211 पक्षी…
GeM के जरिए सरकारी खरीद में 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी,…
स्व-सहायता समूह की महिलाएं बीज, सूखे फूल, जूट, सूती धागे, बांस, लकड़ी और अन्य प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों की खासियत यह है कि इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
भारत के ग्रामीण इलाकों में रोजगार सिर्फ आय का साधन…
कोंडागांव (छत्तीसगढ़)। बस्तर संभाग में दशकों के डर, असुरक्षा और…
यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के उस विजन को भी मजबूती देती है, जिसमें राज्य में हरित आवरण बढ़ाने, जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
स्कूल केइंटा अभियान केवल नामांकन (enrollment) तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक समग्र शिक्षा मॉडल (holistic learning model) बनाया गया है।
सुशासन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा जन-केंद्रित बनाने की…
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की केजू बाई सलामे ने महतारी वंदन योजना और स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी किराना दुकान को आगे बढ़ाया। आज वे आत्मनिर्भर बनते हुए 'लखपति दीदी' बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।