महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के तहत ₹631 करोड़ जारी
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक और बड़ा फैसला लिया है।
रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले प्रदेश की लाखों माताओं और बहनों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ की अग्रिम किस्त जारी कर दी गई है।
बालोद जिले के डौंडीलोहारा स्थित लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित भव्य ‘महतारी वंदन सम्मान समारोह’ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना की 31वीं किस्त का हस्तांतरण किया।
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से राज्य की 67,28,918 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में ₹631.38 करोड़ की विशाल राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी।
त्योहारों से पूर्व वित्तीय सुरक्षा और सम्मान
समारोह में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस पावन अवसर पर राज्य की बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
- समय से पूर्व भुगतान: आने वाले महीने (सितंबर) की किस्त को रक्षाबंधन के त्योहार को ध्यान में रखते हुए 25 अगस्त को ही जारी कर दिया गया, ताकि महिलाएं बिना किसी वित्तीय दबाव के अपने परिवार के साथ खुशियों का पर्व मना सकें।
- आर्थिक स्वावलंबन का आधार: यह योजना केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य की महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य और छोटे घरेलू व्यवसायों के लिए कर रही हैं।
- विशाल बजट आवंटन: योजना की शुरुआत से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है, जिससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था दोनों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
महिला सशक्तिकरण और आजीविका
मुख्य उपलब्धियां
छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के साथ-साथ महिला स्व-सहायता समूहों और आजीविका मिशनों के माध्यम से महिलाओं को लगातार नई पहचान दी जा रही है:
| प्रमुख योजना / पहल | उपलब्धियां एवं आंकड़े | मुख्य प्रभाव |
| महतारी वंदन योजना (31वीं किस्त) | 67.28 लाख+ लाभार्थी महिलाएं | ₹631.38 करोड़ का सीधा डीबीटी हस्तांतरण |
| लखपति दीदी पहल | 13.85 लाख से अधिक महिलाएं | वार्षिक आय ₹1 लाख के पार, आर्थिक आजादी |
| ड्रोन दीदी योजना | सैकड़ों महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण | आधुनिक कृषि और छिड़काव से नई आय के स्रोत |
| स्व-सहायता समूह (SHG) | लाखों महिलाओं का जुड़ाव | बिना गारंटी लोन और कुटीर उद्योगों का संचालन |
महिला उद्यमिता को मिल रहा नया आयाम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा कि सरकार का विजन महिलाओं को केवल सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
राज्य में ‘बिहान’ और अन्य योजनाओं के जरिए 13.85 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
इसके अलावा, ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे ड्रोन संचालन सीखकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।
बस्तर में शांति, विश्वास और समावेशी विकास का दौर
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के बस्तर संभाग में हो रहे बुनियादी और सामाजिक बदलावों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर, जो लंबे समय तक नक्सली हिंसा और अशांति से प्रभावित रहा, अब तेज़ी से शांति और मुख्यधारा के विकास की ओर लौट रहा है।
- बुनियादी ढांचा: सुदूर और अंदरूनी ग्रामीण इलाकों में पक्की सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
- शिक्षा व स्वास्थ्य का विस्तार: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला गया है और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
- रोजगार के नए अवसर: शांति की बहाली के साथ ही बस्तर में पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प और व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही काम मिल रहा है।
महतारी वंदन योजना ने न केवल छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आर्थिक जीवन को सुदृढ़ किया है, बल्कि उन्हें परिवार और समाज में निर्णय लेने की शक्ति भी प्रदान की है।
रक्षाबंधन से पहले मिली इस अग्रिम किस्त ने त्यौहार की खुशियों को दोगुना कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू हुई ये कल्याणकारी नीतियां राज्य में समावेशी विकास, महिला सशक्तिकरण और समृद्धि का नया अध्याय लिख रही हैं।

