छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी ‘नमस्ते’ (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem – NAMASTE) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने देश भर में संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है।
100 अंकों के राष्ट्रीय मूल्यांकन में स्वच्छता कर्मियों के डिजिटल सत्यापन, मशीनीकरण, आपातकालीन हेल्प लाइन संचालन, सामाजिक सुरक्षा और शून्य दुर्घटना (Zero Fatality) जैसे मानकों पर छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन सर्वोत्कृष्ट रहा।
इस उपलब्धि पर राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग एवं सभी स्वच्छता कर्मियों को बधाई दी है।
छत्तीसगढ़ की प्रमुख उपलब्धियां
राज्य के 169 नगरीय निकायों में नमस्ते योजना के तहत स्वच्छता कर्मियों को व्यापक सुरक्षा और सामाजिक संबल प्रदान किया गया है:
- 1,428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को PPE किट: असुरक्षित सफाई प्रथाओं को समाप्त करने के लिए 1,428 कर्मियों को आधुनिक पीपीई किट वितरित किए जा चुके हैं।
- 1,374 कर्मियों के आयुष्मान कार्ड: बीमारियों के उपचार हेतु स्वच्छता कर्मियों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया गया।
- 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण: खतरनाक परिस्थितियों से बचाव और आधुनिक मशीनों के संचालन के लिए कर्मियों को विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया है।
- 47 ERSU एवं 14420 हेल्पलाइन: आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सहायता पहुँचाने के लिए प्रदेश में 47 ‘इमरजेंसी रिस्पांस सैनिटेशन यूनिट्स’ (ERSU) और समर्पित 14420 हेल्प लाइन संचालित की जा रही है।
नमस्ते योजना (NAMASTE Scheme) क्या है?
‘नमस्ते’ योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक मैनुअल सफाई की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर 100% मशीनीकृत सफाई (Mechanised Sanitation) को बढ़ावा देना है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य:
- शून्य मृत्यु दर (Zero Fatalities): सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली हादसों और मौतों को पूरी तरह शून्य पर लाना।
- गरिमा और पहचान: सीवर कर्मियों और वेस्ट पिकर्स की डिजिटल प्रोफाइलिंग कर उन्हें समाज में सम्मानजनक पहचान देना।
- उद्यमिता को बढ़ावा: स्वच्छता कर्मियों को स्वयं का मशीनीकृत व्यवसाय शुरू करने के लिए रियायती दरों पर ऋण और उपकरण उपलब्ध कराना।
वेस्ट पिकर्स का भी हुआ सशक्तिकरण
नमस्ते योजना के नए चरण के अंतर्गत राज्य के कचरा बीनने वाले (Waste Pickers) कर्मियों को भी शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ में 8,527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की जा चुकी है, जिनमें से 6,799 का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है।
इनमें से सैकड़ों कर्मियों को पीपीई किट और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह साबित कर दिखाया है कि स्वच्छता केवल शहरों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सफाई मित्रों की सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ी है जो दिन-रात समाज की सेवा करते हैं।
‘नमस्ते योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश ने मशीनीकृत सफाई की दिशा में एक नया मानक स्थापित किया है।

