छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: 36 महाविद्यालय बनेंगे ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’, AI और साइबर सिक्योरिटी जैसे नए कोर्स शुरू
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल पारंपरिक पाठ्यक्रमों, किताबों और…
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महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के तहत ₹631 करोड़…
छत्तीसगढ़ में विकास और निर्माण की नींव रखने वाले श्रमिक…
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक कोयला और थर्मल पावर आधारित ऊर्जा उत्पादन…
छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज समृद्ध राज्य नहीं रहा। दरअसल, अब…
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित…
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जल संसाधन विभाग द्वारा एक…
33 जिलों में उत्साह के साथ दर्ज हुईं 211 पक्षी…
GeM के जरिए सरकारी खरीद में 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी,…
स्व-सहायता समूह की महिलाएं बीज, सूखे फूल, जूट, सूती धागे, बांस, लकड़ी और अन्य प्राकृतिक सामग्री का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों की खासियत यह है कि इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।