प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों के निरंतर और बेदाग सार्वजनिक जीवन, सुशासन और जनसेवा के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में महीने भर चलने वाले विशेष जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
राजधानी और संभाग मुख्यालय जगदलपुर सहित बस्तर के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने और सामाजिक सरोकार के कार्यों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग में ‘सेवा पखवाड़ा’ और महीने भर तक विभिन्न स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अभियानों का आयोजन किया जाएगा।
महीने भर चलने वाले प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा
जनसेवा और सुशासन के इस 25वें वर्ष के अवसर पर आयोजित होने वाले प्रमुख अभियानों और गतिविधियों का विवरण निम्नलिखित है:
| कार्यक्रम / अभियान | मुख्य गतिविधियां एवं लक्ष्य |
| निःशुल्क स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर | बस्तर के जिला व सामुदायिक अस्पतालों में विशाल स्वास्थ्य जांच शिविर और रक्तदान शिविरों का आयोजन। |
| स्वच्छता ही सेवा अभियान | नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाज़ारों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान। |
| ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ वृक्षारोपण | पर्यावरण संरक्षण के लिए स्कूल, कॉलेज और वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधों का रोपण। |
| कल्याणकारी योजनाओं का संतृप्ति (Saturation) | आयुष्मान भारत, पीएम आवास, और महतारी वंदन जैसी योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों का त्वरित पंजीयन। |
| दिव्यांगजन व वरिष्ठ नागरिक सहायता | दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण और वरिष्ठ नागरिकों का विशेष सम्मान। |
जन-जन तक पहुँचेगा सुशासन और विकास का संदेश
जगदलपुर में आयोजित समीक्षा बैठक और प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने बताया कि बस्तर, जो कभी अशांति और मुख्यधारा से अलगाव के लिए जाना जाता था, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और राज्य सरकार के प्रयासों से विकास की नई मिसाल बन रहा है।
- अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुँच: महीने भर चलने वाले इस सेवा अभियान का प्राथमिक उद्देश्य बस्तर के सुदूर और पूर्व-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासियों और ग्रामीणों तक केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों का लाभ पहुंचाना है।
- युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी: खेल प्रतियोगिताओं, निबंध व चित्रकला प्रतियोगिताओं के जरिए स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों को विकास की इस यात्रा से जोड़ा जाएगा।
- स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष फोकस: बस्तर अंचल में कुपोषण उन्मूलन और एनीमिया मुक्ति के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से विशेष पोषण चौपालों का आयोजन किया जाएगा।
सेवा पखवाड़ा से बस्तर में सामाजिक समरसता को बल
इस माहभर चलने वाले उत्सव को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर ‘जन-आंदोलन’ का रूप दिया जा रहा है। इसमें स्वयंसेवी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), एनसीसी, एनएसएस और स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को सक्रिय रूप से शामिल किया गया है।
स्थानीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के समर्पित जनसेवा काल को बस्तर की धरती पर कल्याणकारी कार्यों के साथ मनाना राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बस्तर के वनांचल में महीने भर चलने वाले ये स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम न केवल आदिवासियों और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे, बल्कि बस्तर में शांति और समृद्धि के एक नए युग की नींव को और मजबूत करेंगे।

