महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्टूबर 2026 से छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में ‘रिफॉर्म उत्सव’ (Reform Utsav) का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकेंद्रीकृत पंचायती राज व्यवस्था के विजन के अनुरूप, अब सरकारी दफ्तरों के बजाय सीधे ग्राम सभाओं (Gram Sabhas) में ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से गांव के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष जन-अभियान के तहत राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (Viksit Gram Panchayat Plan) का निर्माण किया जाएगा।
‘रिफॉर्म उत्सव’ एवं ग्राम सभाओं की मुख्य रणनीतिक रूपरेखा
| प्रमुख घटक | विवरण एवं क्रियान्वयन |
| प्रारंभ तिथि | 2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती के पावन अवसर पर) |
| आयोजन का दायरा | राज्य की समस्त ग्राम पंचायतें एवं नगरीय निकाय/वार्ड |
| मूल तंत्र/योजना | विकसित ग्राम पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan) |
| डिजिटल मैपिंग | युुक्तधारा पोर्टल (Yuktdhara Portal) पर परिसंपत्तियों का सत्यापन व मैपिंग |
| मुख्य उद्देश्य | जनभागीदारी से सड़क, पेयजल, शिक्षा व स्वरोजगार आवश्यकताओं का चिन्हांकन |
डिजिटल मैपिंग और ‘युक्तधारा पोर्टल’ से पारदर्शी नियोजन
ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का समावेश किया गया है:
- भौतिक परिसंपत्ति सत्यापन (Physical Asset Verification): ग्राम पंचायतों में पहले से मौजूद विकास कार्यों और सरकारी संपत्तियों का ऑन-साइट भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
- युक्तधारा पोर्टल पर प्रविष्टि: जो परिसंपत्तियां पूर्व में डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं, उन्हें जीआईएस आधारित ‘युक्तधारा पोर्टल’ (Yuktdhara Portal) पर मैप और अपलोड किया जाएगा।
- गैप एनालिसिस (Gap Analysis): गांवों में सड़क, नाली, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल संसाधनों की वास्तविक जरूरतों व कमियों को चिन्हित कर प्रस्तावित कार्यों को डिजिटल मानचित्र पर अंकित किया जाएगा।
‘रिफॉर्म उत्सव’: योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड
केंद्र व राज्य सरकार के रिफॉर्म-ओरिएंटेड सुशासन (Reform-Oriented Governance) को रेखांकित करने के लिए ‘रिफॉर्म उत्सव’ के दौरान विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे:
- हितग्राहियों का अनुभव साझाकरण: विभिन्न योजनाओं (जैसे महतारी वंदन, पीएम आवास, कृषि उन्नति और खाद्य सुरक्षा) के लाभार्थी मंच पर आकर अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करेंगे।
- ब्लॉक व जिला स्तर पर एकीकरण: ग्राम सभाओं द्वारा पारित एवं अनुमोदित विकास प्रस्तावों को जनपदों और जिला पंचायतों के एकीकृत विकास प्लान में शामिल किया जाएगा।
- ‘सेवा ही संगठन’ का क्रियान्वयन: अक्टूबर और नवंबर के दौरान लगातार वार्ड-स्तरीय और पंचायत-स्तरीय बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे सुझाव एकत्र किए जाएंगे।
“गांवों के विकास की डोर अब ग्रामीणों के हाथ”: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों और जनप्रतिनिधियों से 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक है कि विकास की नीतियां ऊपर से थोपने के बजाय धरातल से निर्मित हों। ग्राम सभाएं ही लोकतंत्र की सबसे मजबूत शक्ति हैं, जहां गांव का प्रत्येक नागरिक अपनी जरूरत और प्राथमिकता को निसंकोच रख सकता है।
2 अक्टूबर से शुरू हो रहा ‘रिफॉर्म उत्सव’ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण सुशासन में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। जनभागीदारी, डिजिटल पारदर्शिता और स्थानीय प्राथमिकताओं के समावेश से निर्मित होने वाला यह रोडमैप ‘सशक्त गांव, समृद्ध किसान’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

