CII MSME कॉन्क्लेव 2.0:’विकसित छत्तीसगढ़’ की रीढ़ बनेंगे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग

राजधानी रायपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को सशक्त बनाने और प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को और तेज करने के उद्देश्य से ‘CII MSME Conclave 2.0’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की और दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया।

इस कॉन्क्लेव में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, युवा उद्यमियों और वित्तीय विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में नवाचार, अत्याधुनिक तकनीक का समावेश, सुगम वित्तीय पहुँच और निर्यात अवसरों को बढ़ावा देना है।

CII MSME Conclave 2.0: मुख्य बिंदु

आयोजन पहलूविवरण एवं रणनीतिक निर्णय
कार्यक्रमCII MSME Conclave 2.0
मुख्य अतिथिउप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन
आयोजकभारतीय उद्योग परिसंघ (CII) एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़
मुख्य लक्ष्यMSMEs को सशक्त बनाना, नई तकनीक, इज ऑफ डूइंग बिजनेस व रोजगार सृजन

“MSME क्षेत्र ही राज्य की आर्थिक उन्नति का आधार”: उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा

कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र केवल उद्योगों की नींव नहीं है, बल्कि यह रोजगार के सबसे अधिक अवसर पैदा करने वाला और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रमुख स्तंभ है:

  • इकोसिस्टम का विकास: राज्य सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनाने के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार कर रही है।
  • सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स: कानून व्यवस्था और बेहतर लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से राज्य के सुदूर अंचलों में भी उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाया जा रहा है।
  • स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन: बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल क्षेत्रों की स्थानीय उपज और हस्तशिल्प पर आधारित एमएसएमई इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

“नई औद्योगिक नीति में एमएसएमई को विशेष रियायतें”: उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कॉन्क्लेव में उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति एमएसएमई-फ्रेंडली (MSME-Friendly) बनाई गई है:

  1. सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window Clearance): निवेशकों और छोटे उद्यमियों को विभिन्न स्वीकृतियों के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए डिजिटल प्रक्रियाओं को और सुव्यवस्थित किया गया है।
  2. सब्सिडी और वित्तीय सहायता: सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को भूमि आवंटन में प्राथमिकता, ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) और बिजली बिलों में छूट जैसी विशेष रियायतें दी जा रही हैं।
  3. स्थानीय संसाधनों का प्रसंस्करण: एग्रो-प्रोसेसिंग (Agro-Processing) और वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

नवाचार और वैश्विक बाजारों से जुड़ाव का आह्वान

कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने डिजिटल परिवर्तन (Digital Transformation), हरित प्रौद्योगिकी (Green Technology) और निर्यात प्रोत्साहन (Export Promotion) पर विचार-विमर्श किया। सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने मिलकर राज्य के सूक्ष्म व लघु उद्योगों को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने का रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई।

CII MSME Conclave 2.0 का आयोजन छत्तीसगढ़ की औद्योगिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के दूरदर्शी विचारों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार एमएसएमई क्षेत्र के संपूर्ण विकास, रोजगार सृजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Sonal Gupta

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 
Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001
Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

GET OUR POSITIVE STORIES