प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा भाव को समर्पित: बस्तर में जनकल्याणकारी कार्यक्रम
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप…
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप…
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर की जनजातीय संस्कृति और आस्था को संरक्षित करने की दिशा में कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में वन क्षेत्रों में 572 देवगुड़ियों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार ₹19.05 करोड़ की लागत से किया गया है। वहीं नारायणपुर के गढ़बेंगाल में घोटुल संरक्षण की पहल भी की गई है।
छत्तीसगढ़ की अनूठी लोक संस्कृति, समृद्ध लोक परंपराओं और अटूट…
जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि…
मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को…
• नमो दीदी ड्रोन योजना महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन तकनीक से जोड़कर कृषि सेवाओं और अतिरिक्त आय के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। छत्तीसगढ़ में भी योजना के तहत महिला समूह ड्रोन तकनीक से जुड़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में 'लखपति दीदी योजना' (Lakhpati Didi Yojana) ग्रामीण अर्थव्यवस्था…
फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई डाटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहे भारी निवेश से नवा रायपुर का आर्थिक परिदृश्य पूरी तरह बदल रहा है।
मुख्यमंत्री के संबोधन की सबसे अहम बात यह रही कि उन्होंने नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ को अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर आगे बढ़ता राज्य बताया। उनके अनुसार, लंबे समय तक हिंसा और नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के क्षेत्रों में अब परिस्थितियां बदल रही हैं और विकास के लिए नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा लोक पर्व है। इस दिन किसान कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। साथ ही अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।