देश का नया फिल्म हब बनने की ओर रायपुर, छत्तीसगढ़ में सिनेमा के नए दौर की तैयारी

छत्तीसगढ़ की खूबसूरत वादियां, घने जंगल, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत अब बड़े पर्दे पर एक नई पहचान बनाने की तैयारी में हैं। राज्य की राजधानी रायपुर को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। फिल्म सिटी के विकास और फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजनाओं के साथ छत्तीसगढ़ अब अपनी क्षेत्रीय पहचान से आगे बढ़कर राष्ट्रीय फिल्म जगत में अपनी जगह बनाने की ओर अग्रसर है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग के लिए सुविधाएं विकसित करना नहीं, बल्कि राज्य में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां फिल्म निर्माण, स्थानीय प्रतिभाओं, पर्यटन, संस्कृति और रोजगार के अवसरों को एक साथ बढ़ावा मिल सके।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी: छत्तीसगढ़ की कहानियों को मिलेगा बड़ा मंच

इस महत्वाकांक्षी योजना के केंद्र में है नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी। इसके साथ ही यहां जनजातीय एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर बनाने की भी योजना है। दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में फिल्म निर्माण के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चित्रोत्पला फिल्म सिटी और जनजातीय एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया था। मुख्यमंत्री ने इसे छत्तीसगढ़ की लंबे समय से देखी जा रही आकांक्षा की पूर्ति की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनका कहना था कि इन परियोजनाओं से राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

फिल्म निर्माण के लिए एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाएं

चित्रोत्पला फिल्म सिटी को इस तरह विकसित करने की परिकल्पना है कि फिल्म निर्माताओं को शूटिंग से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकें।

प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं:

  • गांव, शहर और गलियों के शूटिंग सेट।
  • एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के सेट।
  • जेल, पुलिस चौकी, स्कूल, कॉलेज और मंदिर जैसे सेट।
  • आधुनिक स्टूडियो और प्रोडक्शन ऑफिस।
  • मूर्तिकला उद्यान और शॉपिंग स्ट्रीट।
  • होटल, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स और एंटरटेनमेंट सुविधाएं।

इन सुविधाओं के विकसित होने से फिल्मों, वेब सीरीज, धारावाहिकों और अन्य ऑडियो-विजुअल प्रोडक्शन की शूटिंग के लिए राज्य में बेहतर आधार तैयार होने की उम्मीद है।

जनजातीय एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर से संस्कृति को मिलेगा मंच

फिल्म सिटी के साथ प्रस्तावित जनजातीय एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर भी इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें लगभग 1,500 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक कन्वेंशन हॉल, कॉन्फ्रेंस और मीटिंग स्पेस, बैंक्वेट, गेस्ट रूम, रेस्टोरेंट और अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प और परंपराओं को बड़े आयोजनों और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाना है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों, सम्मेलनों और अन्य आयोजनों की संभावनाएं भी विकसित होंगी।

निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं

इस परियोजना को पर्यटन मंत्रालय की विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत स्वीकृति मिली है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार:

  • चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए लगभग 95.79 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • जनजातीय एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर के लिए लगभग 52 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
  • दोनों परियोजनाएं लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जानी हैं।
  • परियोजनाओं में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल अपनाया जाएगा।
  • लगभग 300 करोड़ रुपये के निजी निवेश की भी उम्मीद जताई गई है।
  • दोनों परियोजनाओं को लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इन परियोजनाओं से केवल फिल्म निर्माण ही नहीं, बल्कि स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, कैमरापर्सन, लेखकों, मेकअप आर्टिस्ट, सेट डिजाइनर और अन्य क्रिएटिव प्रोफेशनल्स के लिए भी नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ होटल, परिवहन, खानपान, इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ में पहले से मौजूद है फिल्मांकन की संभावनाएं

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक विविधता और सांस्कृतिक विरासत उसे फिल्म शूटिंग के लिहाज से खास बनाती है। यहां घने जंगल, झरने, पहाड़, नदियां, ऐतिहासिक स्थल और जनजातीय जीवन की विविध झलकियां मौजूद हैं।

पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कई चर्चित फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग भी हो चुकी है। इनमें न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे?, द ग्रेट इंडियन मर्डर और ग्राम चिकित्सालय जैसे नाम शामिल हैं। इससे छत्तीसगढ़ की फिल्मांकन क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर लोकेशन के रूप में पहचान को मजबूती मिली है।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए भी खुलेंगे नए रास्ते

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू स्थानीय सिनेमा का विकास भी है। छत्तीसगढ़ी फिल्मों और कलाकारों को अक्सर सीमित बजट, तकनीकी संसाधनों और वितरण के स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

ऐसे में आधुनिक फिल्म सिटी विकसित होने से स्थानीय फिल्म निर्माताओं को बेहतर तकनीकी सुविधाएं मिल सकती हैं। प्रदेश के कलाकारों को बड़े प्रोडक्शन के साथ काम करने, नए कौशल सीखने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल सकते हैं।

यह पहल छत्तीसगढ़ी कहानियों, लोककथाओं, जनजातीय जीवन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को बड़े पर्दे तक पहुंचाने का माध्यम भी बन सकती है।

रायपुर के लिए एक नई पहचान की उम्मीद

चित्रोत्पला फिल्म सिटी और जनजातीय एवं सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर केवल दो निर्माण परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल हैं।

यदि इन परियोजनाओं को तय समयसीमा और परिकल्पना के अनुरूप विकसित किया जाता है, तो रायपुर फिल्म निर्माण, सांस्कृतिक आयोजनों और फिल्म पर्यटन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है।

जहां अब तक छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और लोककला से रही है, वहीं आने वाले समय में यहां की कहानियां देश-दुनिया के बड़े पर्दों पर भी अपनी जगह बना सकती हैं।

Sonal Gupta

Content Writer

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