छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज समृद्ध राज्य नहीं रहा। दरअसल, अब यह राज्य तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के नए केंद्र के रूप में भी वैश्विक पहचान बना रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित World Leaders Forum में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का रोडमैप प्रस्तुत किया।
उन्होंने युवाओं को ‘जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटएर’ बनाने का विजन रखा। इसके साथ ही, सीएम साय ने घोषणा की कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5,000 नए startups स्थापित करना है। इससे युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी अवसर मिलेंगे।
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था
₹6.31 लाख करोड़ का रोडमैप
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के नए आंकड़े साझा किए। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था ₹6.31 लाख करोड़ के अनुमानित स्तर तक पहुंच चुकी है। इसमें प्रदेश की विकास दर 11.57% दर्ज की गई है। इसके अलावा, राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹1,79,244 हो गई है।
वहीं, नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू होने के बाद से प्रदेश में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ विकास रोडमैप 2030
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| प्रमुख पहल | स्वीकृत बजट / लक्ष्य | मुख्य उद्देश्य |
| स्टार्टअप मिशन 2030 | 5,000 नए स्टार्टअप्स | युवाओं को ₹10 लाख तक का सीड फंड प्रदान करना। |
| छत्तीसगढ़ AI मिशन | ₹500 करोड़ | 100 AI लैब, 5 एक्सीलेंस सेंटर और 300 AI स्टार्टअप्स को सहायता। |
| AI डेटा सेंटर पार्क (नवा रायपुर) | ₹1,000 करोड़ | हाई-टेक आईटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार। |
| तकनीकी प्रशिक्षण | 6 लाख विद्यार्थी व 1.5 लाख कर्मचारी | AI, कोडिंग और आधुनिक स्किल्स का प्रशिक्षण देना। |
Ease of Doing Business Act 2026
43 सेवाओं में ‘डीम्ड अप्रूवल’
उद्योगों और स्टार्टअप्स को रेड टेपिज्म से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने कदम बढ़ाया है। इसके लिए Ease of Doing Business Act 2026 लागू किया गया है।
- Deemed Approval: इस कानून के तहत 8 प्रमुख विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है। इसलिए, निर्धारित समय सीमा में निर्णय न होने पर एनओसी/अनुमति को स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा।
- प्रमुख लाभ: नतीजतन, इस व्यवस्था से प्रदेश के लगभग 15 लाख MSME को सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही, निवेशकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
तकनीक से युवाओं का सशक्तिकरण
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है:
- व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण: प्रदेश के 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI और एडवांस टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
- स्मार्ट नागरिक सेवाएं: इसके अलावा, राज्य में 50 से अधिक सेवाएं AI-आधारित नागरिक सेवाओं के रूप में शुरू की जा रही हैं।
- पारदर्शी प्रतियोगी परीक्षाएं: प्रतियोगी परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने के लिए AI और आधुनिक निगरानी तकनीक का उपयोग हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक खनन और कृषि से आगे बढ़ रहा है। इसलिए, राज्य Green Energy, IT, और Semi-conductor जैसे आधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। 2030 तक 5,000 नए स्टार्टअप्स और एआई मिशन जैसी ऐतिहासिक पहल प्रदेश के युवाओं को रोज़गार देने वाला बनाएगी।

