PADMSHREE RAHIBAI POPARE: देसी बीज के 154 किस्मों का संरक्षण करने वाली ‘SEED MOTHER’ की प्रेरणादायी कहानी!
61 वर्षीय राहीबाई महाराष्ट्र के एक छोटे से आदिवासी गांव में रहती हैं। उन्होंने स्वदेशी बीजों के संरक्षण के काम को एक आंदोलन की तरह शुरू किया। इस काम को करते हुए उन्हें लगभग 20 साल हो चुके हैं। वह कहती हैं कि- उनका गांव काफी छोटा है और गांव के ज्यादातर लोग खेती-किसानी करके अपना जीवन चला रहे हैं। किसान अपनी आय को बढ़ाने के लिए रासायनिक खादों, उर्वरकों का भारी मात्रा में उपयोग कर रहे थे।
