छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का बेहतर मंच देने के उद्देश्य से सरगुजा ओलंपिक 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की इस पहल के तहत विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पदक हासिल करना नहीं, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना भी है।
एमसीबी में खेल महाकुंभ की तैयारियां
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में सरगुजा ओलंपिक के विकासखंड स्तरीय मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। मनेंद्रगढ़ विकासखंड में 9 और 10 अक्टूबर 2026 को प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रस्तावित/निर्धारित किया गया है। मुकाबले सद्भावना स्टेडियम नई लेदरी, वसुंधरा हॉल नई लेदरी, अंबेडकर भवन झगराखांड और दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेंद्रगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं। RRNS India
इन प्रतियोगिताओं के जरिए विकासखंड स्तर पर खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग खेलों में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी आगे के स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
12 खेल विधाओं में होगा मुकाबला
सरगुजा ओलंपिक में कुल 12 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें—
- एथलेटिक्स
- तीरंदाजी
- बैडमिंटन
- फुटबॉल
- हॉकी
- कुश्ती
- कराते
- कबड्डी
- खो-खो
- वॉलीबॉल
- बास्केटबॉल
- रस्साकसी
शामिल हैं। एथलेटिक्स में 100, 200 और 400 मीटर दौड़ के साथ लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले जैसी स्पर्धाएं शामिल हैं। तीरंदाजी में इंडियन राउंड की 30 और 50 मीटर स्पर्धाएं भी रखी गई हैं।
हालांकि विकासखंड स्तर पर सभी 12 विधाओं का आयोजन एक ही स्थान पर होना जरूरी नहीं है। उदाहरण के तौर पर मनेंद्रगढ़ विकासखंड के कार्यक्रम में 10 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। हॉकी और कुश्ती की प्रतियोगिताएं जिला स्तर पर आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
जूनियर और सीनियर खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
सरगुजा ओलंपिक में जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया है। जूनियर वर्ग के लिए 14 से 17 वर्ष तथा सीनियर वर्ग के लिए 17 वर्ष से अधिक आयु निर्धारित की गई है। कुश्ती और कराते जैसी विधाओं में खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग आयु एवं भार वर्ग निर्धारित किए गए हैं।
इससे खिलाड़ियों को अपनी आयु और वर्ग के अनुरूप प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलता है और स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान को मजबूती मिलती है।
एमसीबी के खिलाड़ियों ने पहले भी छोड़ी है छाप
सरगुजा ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में एमसीबी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा था। 21 से 23 मार्च 2026 के बीच अंबिकापुर में आयोजित संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में एमसीबी ने 8 स्वर्ण, 14 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 26 पदक हासिल किए थे।
संभाग स्तरीय आयोजन में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों के 2,000 से अधिक खिलाड़ियों ने 12 खेल विधाओं में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के समापन समारोह में भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित बाइचुंग भूटिया भी शामिल हुए थे।
गांव और स्थानीय स्तर से निकलेंगी खेल प्रतिभाएं
सरगुजा ओलंपिक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर से आगे बढ़ने का अवसर देती है। विकासखंड स्तर से शुरू होकर जिला और संभाग स्तर तक पहुंचने वाली यह प्रतियोगिता प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव का माध्यम बन रही है।
खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने के साथ-साथ ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाने में मदद मिलती है, जिन्हें बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर आसानी से नहीं मिल पाता।
सरगुजा ओलंपिक 2026-27 क्यों है खास?
सरगुजा ओलंपिक को केवल एक खेल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। यह स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करने और प्रतिभाओं को पहचानने की दिशा में एक व्यापक प्रयास है। एमसीबी सहित सरगुजा संभाग के जिलों के खिलाड़ियों को इससे अपनी क्षमता साबित करने और आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है।
खेल के मैदान से ही भविष्य के चैंपियन निकलते हैं और सरगुजा ओलंपिक इसी सोच को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश है।
प्रतिभा और अवसर का बड़ा मंच
सरगुजा ओलंपिक 2026-27 छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खेल, प्रतिभा और अवसर का बड़ा मंच बनकर सामने आया है। एमसीबी में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताओं से लेकर आगे के चरणों तक खिलाड़ियों में जिस तरह का उत्साह दिखाई दे रहा है, वह क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की मजबूत मौजूदगी को दर्शाता है। आने वाले मुकाबलों में स्थानीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।

