Eklavya Vidyalaya Success: छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। कांकेर जिले की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में ऐसी सफलता प्राप्त की है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कृतिका ने देशभर में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (EMRS) की सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी विशेष क्षेत्र या सीमित संसाधनों की मोहताज नहीं होती है।
राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
आदिम जाति विकास विभाग के अनुसार, कृतिका टेकाम ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कृतिका कांकेर जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्रा रही हैं। उनकी इस अविश्वसनीय मेहनत ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि आदिम जाति कल्याण विभाग और छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों को भी राष्ट्रीय पटल पर सार्थकता प्रदान की है। देशभर के 750 स्कूलों के बीच टॉप करना उनके अटूट समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है।
मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने दी बधाई
कृतिका की इस ऐतिहासिक सफलता पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपनी बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम का परिणाम है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।” आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी कृतिका की उपलब्धि को प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा रहा है। यही कारण है कि आज यहाँ के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।
‘शत्-प्रतिशत’ परिणाम
कृतिका की व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ, सामूहिक स्तर पर भी राज्य के एकलव्य विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य विद्यालयों में से 11 विद्यालयों ने 100% (शत्-प्रतिशत) परीक्षा परिणाम दर्ज किया है। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय सक्रिय रूप से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
खेल और नवाचार में भी छत्तीसगढ़ अग्रणी
इन शैक्षणिक उपलब्धियों के अलावा, राज्य के एकलव्य विद्यालयों ने अन्य क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय मंचों पर अपनी धाक जमाई है,
- राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता- चौथी एकलव्य विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के दल ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
- मॉडल यूथ ग्राम सभा- गरियाबंद जिले के कोसमबुड़ा एकलव्य विद्यालय को देश के 800 स्कूलों के बीच ‘राष्ट्रीय विजेता’ चुना गया और 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
युवाओं के लिए प्रेरणा का नया स्रोत
कृतिका टेकाम की यह सफलता केवल एक अंकतालिका नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो अभावों के बीच बड़े सपने देखते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन ने बस्तर और कांकेर जैसे क्षेत्रों से राष्ट्रीय टॉपर्स निकालने की राह आसान कर दी है। आने वाले समय में, यह सफलता निश्चित रूप से प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों को भी नई ऊंचाइयों को छूने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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