छत्तीसगढ़ में आयुष चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से राज्य को उसका पहला शासकीय होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज मिल गया है।
राजधानी रायपुर के समीप नवा रायपुर (उपरवारा) स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (National Commission for Homeopathy) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर प्रवेश की सशर्त अनुमति प्रदान कर दी गई है। इस बड़ी सौगात से अब प्रदेश के युवाओं को होम्योपैथी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
कॉलेज और प्रवेश प्रक्रिया की मुख्य विशेषताएँ
| मुख्य बिंदु | विवरण एवं प्रावधान |
| संस्थान का नाम | यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी, नवा रायपुर |
| कुल स्वीकृत सीटें | 63 BHMS सीटें (EWS कोटा सम्मिलित) |
| प्रवेश का माध्यम | राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) |
| सीटों का विभाजन | 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और 85% सीटें राज्य कोटे के तहत |
| नियामक निकाय | राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड) |
कड़े मूल्यांकन और मानकों के बाद मिली आधिकारिक मंजूरी
इस नवीन शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय की स्थापना और सुचारू संचालन के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चिकित्सा आकलन एवं रेटिंग बोर्ड द्वारा पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया गया था।
- आयोग की टीम ने गत 21 और 22 जुलाई को कॉलेज परिसर का भौतिक निरीक्षण किया था।
- इसके उपरांत 7 सितंबर को विस्तृत सुनवाई और संस्थानों द्वारा प्रस्तुत अनुपालन विवरण (Compliance Report) का गहन परीक्षण किया गया।
- सभी निर्धारित मानकों, उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सालयीन व्यवस्थाओं के संतोषजनक पाए जाने के बाद 12 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से सशर्त अनुमति पत्र जारी कर दिया गया।
NEET के माध्यम से होगा पारदर्शी प्रवेश
नवा रायपुर स्थित इस पहले सरकारी होम्योपैथी कॉलेज में प्रवेश पूरी तरह से पारदर्शी और राष्ट्रीय स्तर पर होगा।
- अखिल भारतीय कोटा (15%): कुल 63 सीटों में से 15 प्रतिशत सीटें देश भर के विद्यार्थियों के लिए ऑल इंडिया कोटे के अंतर्गत आरक्षित रहेंगी।
- राज्य कोटा (85%): शेष 85 प्रतिशत सीटों पर छत्तीसगढ़ राज्य अथवा संबंधित सक्षम काउंसलिंग संस्था के माध्यम से नीट (NEET) अर्हता प्राप्त स्थानीय विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- कमजोर वर्गों को संबल: स्वीकृत प्रवेश क्षमता में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों के लिए भी नियमानुसार सीटें आरक्षित की गई हैं।
“आयुष चिकित्सा शिक्षा के विस्तार में मील का पत्थर”: मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और स्वास्थ्य सुविधाओं के उच्चीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नवा रायपुर में पहले शासकीय होम्योपैथी कॉलेज के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में वैकल्पिक और आयुष चिकित्सा पद्धतियों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में इस कॉलेज के माध्यम से न केवल उच्च शिक्षित प्रशिक्षित होम्योपैथिक चिकित्सक तैयार होंगे, बल्कि ग्रामीण व शहरी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी और अधिक मजबूत होगा।
छत्तीसगढ़ को पहला सरकारी होम्योपैथी कॉलेज मिलने से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नया विकल्प खुल गया है। यह पहल ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन के तहत स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम है।

