जीवन की लय: योग
सृष्टि के आरंभ से ही ईश्वर ने मानव को दिव्यता का उपहार दिया है। हालांकि समय के साथ-साथ भौतिकता और पशुता का मिश्रण होता गया। लेकिन भारतीय संस्कृति और वेदों में ऐसी कई पद्धितियां हैं, जिससे मानव ईश्वर द्वारा प्रदत्त दिव्यता को सहेज सकता है।
