छत्तीसगढ़ के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बहुप्रतीक्षित बस्तर दौरा होने जा रहा है। इस उच्चस्तरीय और ऐतिहासिक दौरे को लेकर राज्य शासन और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए इसे राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान के लिए एक ऐतिहासिक अवसर करार दिया है। महामहिम राष्ट्रपति इस प्रवास के दौरान बस्तर की लोक संस्कृति के प्रतीक विश्व प्रसिद्ध ‘मुरिया दरबार’ में विशेष रूप से शामिल होंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर दौरा: मुख्य बिंदु
| दौरे का पहलू | विवरण एवं मुख्य प्रावधान |
| विशिष्ट अतिथि | महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु |
| निर्धारित स्थल | बस्तर संभाग, छत्तीसगढ़ |
| प्रमुख कार्यक्रम | ऐतिहासिक ‘मुरिया दरबार’ में सहभागिता और जनजातीय प्रतिनिधियों से संवाद |
| स्वागतकर्ता / नेतृत्व | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं प्रशासनिक दल |
| महत्व | बस्तर की लोक संस्कृति, आदिवासी परंपरा और लोकतंत्र के अनूठे स्वरूप का राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन |
बस्तर की माटी के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति के बस्तर दौरे की घोषणा करते हुए कहा कि देश की प्रथम नागरिक और जनजातीय समाज से ताल्लुक रखने वाली महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर आना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है।
- बस्तर की प्राचीन संस्कृति, यहाँ की कला, और यहां के मेहनतकश आदिवासी भाई-बहनों की जीवनशैली को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक यात्रा को यादगार बनाने और महामहिम के स्वागत के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सुरक्षा, आतिथ्य और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
विश्व प्रसिद्ध ‘मुरिया दरबार’ में सहभागिता
बस्तर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों में ‘मुरिया दरबार’ का स्थान सर्वोपरि है।
- बस्तर दशहरा पर्व के दौरान आयोजित होने वाला यह दरबार सामूहिकता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों का अनूठा उदाहरण है, जहां राजा, मांझी-चालिया और जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर जनता की समस्याओं और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा करते हैं।
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु इस पारंपरिक ‘मुरिया दरबार’ में शामिल होकर बस्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों, माझी-मुखियों और जनजातीय समाज के प्रबुद्ध जनों से सीधे संवाद करेंगी।
जनजातीय विकास और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प
यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के वनांचलों और दूरस्थ अंचलों में हो रहे विकास कार्यों को करीब से देखने का एक बड़ा अवसर है।
- केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त योजनाओं से बस्तर के अंतिम छोर तक पहुंच रहे विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की प्रगति से महामहिम को अवगत कराया जाएगा।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का जो नया वातावरण तैयार हुआ है, उसकी झलक इस दौरे में देखने को मिलेगी।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का यह बस्तर दौरा छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। ‘मुरिया दरबार’ जैसी महान परंपरा के माध्यम से बस्तर की संस्कृति एक बार फिर वैश्विक पटल पर चमकने के लिए तैयार है। यह यात्रा ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और सशक्त जनजातीय समाज के निर्माण की दिशा में एक मिल का पत्थर साबित होगी।

