बेमेतरा (छत्तीसगढ़): बेमेतरा शहर के ऐतिहासिक बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा के महत्व और गुरुजनों के योगदान की मुक्तकंठ से सराहना की।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
इसके साथ ही, बोर्ड व कॉलेज परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सौजन्य से गोल्ड मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
समारोह की मुख्य झलकियां और घोषणाएं
| कार्यक्रम / सौगात | विवरण एवं मुख्य बिंदु |
| सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान | 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। |
| मेधावी छात्र सम्मान | 42 प्रतिभावान विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र मिले। |
| विकास सौगात 1 | बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण हेतु ₹2 करोड़ स्वीकृत। |
| विकास सौगात 2 | ग्राम पंचायत तीवरिया (तिवरिया) में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा। |
| विशेष विमोचन | समाजसेवियों व प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा प्रकाशित ‘शिक्षक स्मृति पत्रिका’ का विमोचन। |
| जल संरक्षण सम्मान | ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत बेमेतरा, बेरला व नवागढ़ जनपद पंचायत सम्मानित। |
“शिक्षक राष्ट्र के निर्माता और ज्ञान के पुंज हैं”: मुख्यमंत्री
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति और सफलता हासिल करने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा ही है। प्राचीन काल से ही भारत विश्व गुरु रहा है और हमारी परंपरा में शिक्षकों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
“शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे बच्चों के चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। शिक्षक जिस नागरिक का सृजन करते हैं, उसी से समृद्ध देश और सशक्त समाज का निर्माण होता है। शिक्षक समाज में ज्ञान का दीप जलाकर अज्ञानता के अंधकार को दूर करते हैं।” > — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। गाँव हो या शहर, हर बच्चे को अपनी क्षमता निखारने के समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
‘मोर गांव मोर पानी‘ महाभियान की सफलता का सम्मान
जल संरक्षण के क्षेत्र में बेमेतरा जिले में किए गए उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मोर गांव मोर पानी’ महाभियान की सफलता को रेखांकित किया।
भू-जल स्तर में सुधार लाकर बेमेतरा जिले को ‘क्रिटिकल जोन‘ से ‘सेमी-क्रिटिकल जोन‘ में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ के जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों को मंच से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है।
बेमेतरा शहर को गौरव पथ और तीवरिया को बिजली सब-स्टेशन की सौगात
जिलेवासियों की सुविधा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से दो बड़ी सौगातों का ऐलान किया:
- ₹2 करोड़ का गौरव पथ: बेमेतरा शहर के आवागमन को सुगम और आधुनिक बनाने के लिए ₹2 करोड़ की लागत से गौरव पथ का निर्माण कराया जाएगा।
- नवीन विद्युत सब-स्टेशन: ग्राम पंचायत तीवरिया में बिजली की कम वोल्टेज और आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए नए सब-स्टेशन की स्थापना की जाएगी।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री दयाल दास बघेल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक संघों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बेमेतरा में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह ने जहां एक तरफ राष्ट्र निर्माताओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत किया, वहीं दूसरी ओर शिक्षा, जल संरक्षण और ढांचागत विकास के क्षेत्र में नई प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। मुख्यमंत्री की घोषणाओं से बेमेतरा जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

