छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘रानी दुर्गावती योजना 2026′ (Rani Durgavati Scheme) की शुरुआत की है। महतारी वंदन योजना के बाद महिला एवं बाल कल्याण क्षेत्र में यह राज्य सरकार का एक और ऐतिहासिक कदम है। वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य और स्वाभिमान से प्रेरित इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बाल विवाह पर लगाम लगाना और गरीब परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आर्थिक मजबूती प्रदान करना है।
योजना का मुख्य आकर्षण और वित्तीय लाभ (Financial Benefits)
रानी दुर्गावती योजना के अंतर्गत राज्य के गरीब परिवारों में जन्मी बालिका के नाम पर सरकार वित्तीय सुरक्षा की गारंटी देती है।
- वित्तीय आश्वासन (Financial Assurance): बच्ची के जन्म के समय ही उसके नाम से ₹1.50 लाख (1.50 Lakh Rupees) का एश्योरेंस सर्टिफिकेट (Financial Assurance Certificate / Savings Bond) प्रदान किया जाता है।
- परिपक्वता अवधि (Maturity Period): जब बालिका की उम्र 18 वर्ष पूरी हो जाएगी, तब यह राशि सीधे लाभार्थी बेटी के आधार-लिंक बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाएगी।
- उपयोग (Utilization): इस वित्तीय सहायता का उपयोग बेटी की उच्च शिक्षा (Higher Education), व्यावसायिक प्रशिक्षण या विवाह संस्कार के लिए किया जा सकता है।
योजना की पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:
- छत्तीसगढ़ का मूल निवासी: बालिका का परिवार छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- BPL/कमजोर आर्थिक वर्ग: योजना का मुख्य लाभ गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलेगा।
- जन्म सीमा: 1 अप्रैल 2026 के बाद जन्मी नवजात बालिकाएं प्राथमिकता के आधार पर इस योजना में शामिल होंगी।
- बाल विवाह पर प्रतिबंध: 18 वर्ष की आयु से पूर्व बालिका का विवाह नहीं होना चाहिए। समय से पूर्व विवाह करने पर योजना का लाभ रद्द किया जा सकता है।
- परिवार की सीमा: सामान्यतः एक परिवार की पहली दो बेटियों (Maximum 2 Girl Children) को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज (Required Documents Checklist)
पंजीकरण के समय अभिभावकों को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
| दस्तावेज | विवरण |
| जन्म प्रमाण पत्र | नवजात बच्ची का आधिकारिक जन्म प्रमाण पत्र |
| BPL प्रमाण पत्र / राशन कार्ड | गरीबी रेखा का वैध कार्ड या वार्षिक आय प्रमाण पत्र |
| निवास प्रमाण पत्र | छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र |
| माता-पिता का आधार कार्ड | पहचान एवं सत्यापन हेतु आधार विवरण |
| बैंक पासबुक | अभिभावक या बालिका का आधार-लिंक बैंक खाता |
| पासपोर्ट साइज फोटो | बच्ची एवं माता/पिता की तस्वीर |
आवेदन और पंजीकरण प्रक्रिया (How to Apply)
रानी दुर्गावती योजना में पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है:
- आंगनवाड़ी केंद्र (Offline Registration): बालिका के जन्म के बाद नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र (Anganwadi Center) या स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करके निर्धारित आवेदन पत्र भरें।
- दस्तावेज़ सत्यापन: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपके दस्तावेजों का सत्यापन कर उन्हें संबंधित ब्लॉक/महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में प्रस्तुत करेंगी।
- डिजिटल पोर्टल (Online Portal): राज्य सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (cgstate.gov.in) पर योजना का ऑनलाइन पोर्टल भी जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
‘छत्तीसगढ़ रानी दुर्गावती योजना 2026’ न केवल बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देगी। 18 वर्ष की आयु में मिलने वाली ₹1.50 लाख की राशि से राज्य की गरीब बेटियां बिना किसी वित्तीय रुकावट के अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर सकेंगी और अपने सपनों को साकार कर सकेंगी

