Jal Jeevan Mission Chhattisgarh: अब हर घर पहुंचा ‘नल से जल’!

Jal Jeevan Mission Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास की बयार अब ग्रामीणों के घर के दरवाज़े तक पहुँच रही है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड का एक छोटा सा गांव भालूकोन्हा, आज प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गया है। कभी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने वाला यह वनांचल ग्राम अब जल जीवन मिशन की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहा है। यहाँ के ग्रामीणों के जीवन में आया यह बदलाव केवल सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य और सम्मान की नई शुरुआत है।

हैंडपंपों की निर्भरता से मुक्ति

एक समय था जब भालूकोन्हा के लगभग 100 परिवारों की प्यास बुझाने का जिम्मा केवल 6 हैंडपंपों पर था। स्थिति तब और विकराल हो जाती थी जब भीषण गर्मी में जलस्तर नीचे गिर जाता था और ये हैंडपंप जवाब दे देते थे। पानी लाने के लिए महिलाओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनका कीमती समय और ऊर्जा व्यर्थ होती थी।

जल जीवन मिशन के आगमन के साथ ही इस संकट का अंत हुआ। शासन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से पाइपलाइन का विस्तार किया गया और जल स्रोतों का संरक्षण करते हुए गांव के प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल का कनेक्शन पहुंचाया गया।

महिलाओं के जीवन में आई ‘मुस्कान’

इस मिशन का सबसे सकारात्मक प्रभाव गांव की महिलाओं पर पड़ा है। ‘नल से जल’ मिलने के बाद महिलाओं को अब पानी ढोने के श्रमसाध्य कार्य से मुक्ति मिल गई है।

  • समय की बचत: पानी लाने में जो समय घंटों बर्बाद होता था, अब उस समय का उपयोग महिलाएं स्वरोजगार, बच्चों की पढ़ाई और घर-परिवार की बेहतर देखभाल में कर रही हैं।
  • स्वास्थ्य में सुधार: शुद्ध और स्वच्छ पेयजल मिलने से गांव में डायरिया और टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों के मामलों में भारी गिरावट आई है।
  • स्वच्छता: घर में पानी की उपलब्धता होने से व्यक्तिगत और घरेलू स्वच्छता के स्तर में सुधार हुआ है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

भालूकोन्हा की यह सफलता केवल सरकारी तंत्र की जीत नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी शामिल है। पाइपलाइन बिछाने से लेकर नल कनेक्शन के प्रबंधन तक, ग्रामवासियों ने प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। यही कारण है कि आज भालूकोन्हा एक ‘आत्मनिर्भर और सशक्त ग्राम’ के रूप में उभर रहा है।

जल जीवन मिशन

(भालूकोन्हा) के प्रमुख लाभ

क्षेत्रपरिवर्तन (पहले बनाम अब)
पेयजल स्रोतपहले केवल 6 हैंडपंप थे, अब घर-घर नल कनेक्शन हैं।
समय प्रबंधनघंटों पानी ढोने का काम खत्म, अब समय का उपयोग आजीविका के लिए।
स्वास्थ्यअशुद्ध पानी से होने वाली बीमारियां रुकीं, स्वास्थ्य स्तर सुधरा।
आर्थिक लाभमहिलाओं के पास अब कृषि और अन्य छोटे उद्योगों के लिए समय है।

वनांचल में विकास की नई परिभाषा

जल जीवन मिशन ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति और सही क्रियान्वयन हो, तो सुदूर वनांचल के दुर्गम इलाकों में भी जीवन को आसान बनाया जा सकता है। भालूकोन्हा के हर आंगन में बहती जल की धारा आज विकास के नए युग का प्रतीक है। मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रयासों से आज डोंगरगढ़ का यह इलाका पेयजल की समस्या से पूरी तरह मुक्त होकर खुशहाली की ओर अग्रसर है।

ये भी देखें

Avatar photo

Rishita Diwan

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 
Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001
Mob. – 6232190022
Email – Hello@seepositive.in

GET OUR POSITIVE STORIES