छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार लगातार अनूठी पहल कर रही है。 इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयां देने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दी गई है。
‘पीएम-जुगा’ के अंतर्गत जशपुर के वनांचल क्षेत्रों में क्लस्टर होम-स्टे योजना के जरिए पर्यटन विकास का ताना-बाना बुना जा रहा है, जिससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे。
क्लस्टर होम-स्टे योजना: मुख्य बिंदु और आंकड़े
| परियोजना का पहलू | विवरण एवं मुख्य प्रावधान |
| योजना का नाम | क्लस्टर होम-स्टे परियोजना (‘पीएम-जुगा’ के अंतर्गत) |
| कार्यान्वयन क्षेत्र | बगीचा-मयाली-जशपुर क्षेत्र के 6 प्रमुख जनजातीय गांव |
| कुल होम-स्टे निर्माण | इन गांवों में कुल 30 होम-स्टे विकसित किए जाएंगे |
| वित्तीय परिव्यय | योजना के तहत लगभग ₹1.80 करोड़ की राशि का प्रावधान और भवनों का निर्माण |
| मुख्य उद्देश्य | आदिवासियों की संस्कृति, खान-पान और रहन-सहन से पर्यटकों को सीधे जोड़ना |
बगीचा-मयाली-जशपुर क्षेत्र में बनेगा पर्यटन का नया हब
जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक हरियाली, झरनों, पहाड़ियों और अनूठी आदिवासी संस्कृति के लिए देश भर में जाना जाता है。
- इस योजना के तहत बगीचा, मयाली और जशपुर के 6 विशिष्ट जनजातीय गांवों को क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है。
- इन गांवों में कुल 30 आधुनिक और पारंपरिक सुविधाओं से युक्त होम-स्टे बनाए जाएंगे, जहाँ पर्यटक स्थानीय आदिवासियों के बीच रहकर उनके दैनिक जीवन, खान-पान, रीति-रिवाजों और लोक कलाओं को बेहद करीब से महसूस कर सकेंगे。
पर्यटकों को मिलेगा आदिवासी जीवनशैली का अनूठा अनुभव
आम तौर पर पर्यटन होटलों और रिसॉर्ट्स तक सीमित रहता है, लेकिन इस क्लस्टर होम-स्टे योजना का मुख्य उद्देश्य ‘एक्सपेंशिएल टूरिज्म’ (Experiential Tourism) को बढ़ावा देना है।
- पर्यटक इन होम-स्टे में रहकर आदिवासी जीवन दर्शन, पारंपरिक कला, लोकनृत्य और संगीत का सीधा आनंद ले सकेंगे。
- इससे न केवल पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीण परिवारों को सीधी आमदनी होगी और वे अपनी समृद्ध संस्कृति को गर्व के साथ संरक्षित कर पाएंगे。
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट विजन है कि बस्तर और सरгуजा जैसे वनांचलों में पर्यटन के विकास से स्थानीय लोगों को स्वरोजगार मिले।
- होम-स्टे संचालन, स्थानीय गाइड सेवा, पारंपरिक हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक फूड की बिक्री से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं की आजीविका में सुधार होगा。
- यह पहल ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के अंतर्गत ग्रामीण आंचल को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है。
निष्कर्ष
जशपुर में शुरू की जा रही क्लस्टर होम-स्टे परियोजना छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है। यह योजना परंपरा और आधुनिकता का ऐसा अनूठा संगम है, जो देश-विदेश के सैलानियों को छत्तीसगढ़ की माटी से जोड़ेगा।

