- बस्तर की बदलती तस्वीर
- मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से लेकर जन सुविधा केंद्रों तक
- विकास की नई इबारत।
Bastar Health Revolution: छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग, जो कभी दुर्गम रास्तों और नक्सलवाद की चुनौतियों के लिए जाना जाता था, आज विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर के इस सकारात्मक बदलाव का विस्तृत रोडमैप साझा किया। इस बैठक में बस्तर की धड़कन बन चुके ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ और सुरक्षा शिविरों के ‘जन सुविधा केंद्र’ में बदलने की प्रक्रिया पर विशेष चर्चा हुई।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
घर-घर पहुँच रहे डॉक्टर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस का पहुँचना एक सपना माना जाता था, वहाँ अब स्वास्थ्य टीमें पैदल चलकर ग्रामीणों तक पहुँच रही हैं। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को सुकमा से हुई थी, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के 36 लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है। हैरानी की बात यह है कि मात्र एक महीने के भीतर 21.86 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी कर ली गई है।
इन सभी ग्रामीणों का ‘डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल’ तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में उनके इलाज में आसानी होगी। गंभीर बीमारियों की पहचान समय रहते की जा रही है और मरीजों को निःशुल्क उच्च स्तरीय उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
सुरक्षा शिविर अब बने ‘जन सुविधा केंद्र’
बस्तर के विकास मॉडल में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि यहाँ के पुराने सुरक्षा शिविर (Security Camps) अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं। सरकार इन्हें धीरे-धीरे “जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित कर रही है। ये केंद्र अब ग्रामीणों के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन गए हैं, जहाँ एक ही छत के नीचे,
- स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां
- बैंकिंग सुविधाएं और खाता खोलना
- सरकारी योजनाओं का लाभ और दस्तावेज निर्माण
- शिक्षा और कौशल विकास की जानकारी
ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे कामों के लिए मिलों पैदल चलकर जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ती। यह कदम बस्तर के लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
जगदलपुर का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
रायपुर-बिलासपुर की दूरी हुई खत्म
बस्तर के लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे बड़ी सौगात जगदलपुर में बना नया ‘सुपर स्पेशलिटी अस्पताल’ है। पहले गंभीर इलाज के लिए यहाँ के लोगों को रायपुर, बिलासपुर या विशाखापट्टनम की दौड़ लगानी पड़ती थी, जो न केवल खर्चीला था बल्कि समय पर इलाज न मिलने से जान का खतरा भी रहता था। अब आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जगदलपुर में ही उपलब्ध है। इसके साथ ही ‘डायल-112’ की नेक्स्ट जेनरेशन सेवा का विस्तार दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित सहायता सुनिश्चित कर रहा है।
सर्वांगीण विकास का रोडमैप
बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं को पहुँचाने के लिए ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए रोडमैप में सड़क कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन, और निवेश को बढ़ावा देना प्राथमिकता पर है। सुकमा के दुर्गम गाँवों से मरीजों को एयरलिफ्ट या विशेष वाहनों से अस्पताल पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि अब राज्य सरकार के लिए हर जान कीमती है।
भविष्य की योजनाएं
केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे इन कार्यों की सराहना की है। उनके संभावित 18 और 19 मई के बस्तर प्रवास को लेकर भी तैयारियां तेज हैं। केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से बस्तर अब मुख्यधारा से पूरी तरह जुड़ने की ओर अग्रसर है।
बस्तर में आ रहा यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन ग्रामीणों के चेहरों की मुस्कान में दिखता है जिन्हें पहली बार अपने घर के पास डॉक्टर और बैंक की सुविधा मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर अब नक्सलवाद के साये से बाहर निकलकर विकास की नई रोशनी की ओर बढ़ रहा है।

