छत्तीसगढ़ के सुदूर और ऐतिहासिक अंचल बस्तर में विकास के नए आयाम जुड़ रहे हैं। राज्य की सुशासन सरकार प्रदेश के हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘अमृत मिशन 2.0’ के अंतर्गत बस्तर क्षेत्र के लिए एक बड़ी पेयजल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में बस्तर जलप्रदाय योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही पेयजल की समस्या का स्थाई समाधान होगा।
अमृत मिशन 2.0: बस्तर जलप्रदाय योजना के मुख्य बिंदु और आंकड़े
| परियोजना का पहलू | विवरण एवं मुख्य प्रावधान |
| योजना का नाम | अमृत मिशन 2.0 – बस्तर जलप्रदाय योजना |
| कुल स्वीकृत लागत | ₹57.71 करोड़ |
| जल स्रोत | मारकंडी नदी (शुद्धिकरण के बाद शहरवासियों तक आपूर्ति) |
| पेयजल उपलब्धता | प्रति व्यक्ति जल आपूर्ति 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर प्रतिदिन |
| बुनियादी ढांचा | 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 2,700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन |
| लक्ष्य अवधि | जून 2028 तक योजना को पूर्ण करने का लक्ष्य |
मारकंडी नदी बनेगी बस्तर की प्यास बुझाने का मुख्य स्रोत
इस परियोजना की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि बस्तर क्षेत्र के निवासियों को दीर्घकालिक और निर्बाध जल आपूर्ति मिल सके।
- योजना के तहत मारकंडी नदी से जल लिया जाएगा, जिसे अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए पूरी तरह शुद्ध किया जाएगा।
- इसके बाद पाइप नेटवर्क के माध्यम से यह शुद्ध पेयजल सीधे शहर के घरों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
जलापूर्ति क्षमता में भारी बढ़ोतरी: 65 से बढ़कर 135 लीटर प्रति व्यक्ति
अमृत मिशन 2.0 के तहत केवल पानी की पहुंच ही नहीं बढ़ाई जा रही, बल्कि उसकी मात्रा और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- पहले जहाँ प्रति व्यक्ति मात्र 65 लीटर पानी उपलब्ध होता था, वहीं इस योजना के पूर्ण होने के बाद यह क्षमता बढ़कर 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन हो जाएगी।
- इसके तहत बिछाई जाने वाली 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 2,700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन यह सुनिश्चित करेंगे कि हर घर के कोने तक शुद्ध जल पहुंचे।
निर्धारित समयसीमा और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प
सरकार ने इस विकास कार्य में पारदर्शिता और गतिशीलता बनाए रखने के लिए स्पष्ट डेडलाइन तय की है:
- इस पूरी परियोजना को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि तय समय पर बस्तरवासियों को इसका लाभ मिल सके।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप, यह योजना बस्तर के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगी।
अमृत मिशन 2.0 के तहत स्वीकृत ₹57.71 करोड़ की बस्तर जलप्रदाय योजना छत्तीसगढ़ सरकार के जनहितैषी और सुशासन भरे शासन का एक और उत्कृष्ट उदाहरण है। यह योजना बस्तर के नागरिकों के स्वास्थ्य और खुशहाली का नया अध्याय लिख रही है।

