Positive attitude से क्वालिफाई कर सकते हैं कठिन प्रतियोगी परीक्षा, देखें सफलता के लिए जरूरी हैं कौन से स्टेप्स !



सक्सेसफुल करियर के लिए जरूरी है कि शुरूआती स्टेप्स सही उठाए जाएं। यही वजह है कि आजकल स्कूली स्तर से ही बच्चों का सामाना कॉम्पीटिशन से हो जाता है। स्कूल के बाद अच्छे कॉलेज और फिर अच्छी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना युवाओं को करना पड़ता है। इनमें सफलता के लिए मेहनत और लगन के साथ ही Positive attitude भी सबसे अहम माना जाता है। अपनी सफलता और तैयारी के बीच अगर युवा Positive attitude का तालमेल बनाकर चलेंगे तो निश्चित ही वे सफलता हासिल कर सकते हैं।

भारत में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की स्केल और वॉल्यूम, डिफिकल्टी लेवल, सिलेबस और एग्जाम पैटर्न, कंडक्ट कई मामलों में पूरी दुनिया से अलग हैं। जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण स्टेप्स की मदद से कि किन बातों को ध्यान में रखकर युवाओं को कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी करनी चाहिए।

भारत की आबादी ज्यादा तो कॉम्पीटिशन भी टफ

दुनिया की दूसरी आबादी वाला देश है भारत, ऐसे में अच्छे मौकों के लिए कॉम्पिटिटिव माहौल का होना लाजिमी है। यही वजह है कि उम्मीदवारों की संख्या भी काफी अधिक होती है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि 100 सीटों के लिए लगभग 1 लाख लोग से ज्यादा फार्म भरते हैं। ऐसी स्थिति में कैंडिडेट्स को टाइम मैनेजमेंट, प्रायोरिटी ऑर्डर, स्टडी की तकनीक, सेल्फ-रेग्युलेशन, स्ट्रेस मैनेजमेंट को ध्यान में रखकर तैयारी करनी चाहिए। इसके अलावा सबसे ज्यादा जिस चीज की जरूरत है वो है धैर्य और पॉजिटिव एट्टीट्यूड।

डिफिकल्टी लेवल दुनिया की परीक्षाओं से भी ज्यादा

इन क्षेत्रों के जानकार ये कहते हैं कि भारत के प्रतियोगी परीक्षाएं दुनिया की प्रतियोगी परीक्षाओं से कहीं ज्यादा कठिन होते हैं। ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं होता कि भारत की आबादी ज्यादा है और इनमें कम सीटों के लिए अधिक कैंडिडेट्स अपीयर होते हैं। बल्कि इसलिए कि इन प्रश्नों को सॉल्व करने के लिए विषय की गहरी समझ, वैचारिक समझ और पर्टिक्युलर स्किल्स की जरूरत भारत में अहम मानी जाती है।

कुछ स्टेप्स जो सफलता के लिए हैं बेहद जरूरी

पॉजिटिव एट्टीट्यूड किसी भी परीक्षा में बैठने की सबसे पहली शर्त होतीह । भारत में कॉम्पिटिशन की यह स्थिति अभूतपूर्व, ऐतिहासिक और एक्स्ट्राऑर्डिनरी मानी जाती है।

कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी में एक्सपर्ट्स और अनुभवी व्यक्तियों से प्रॉपर गाइडेंस का ध्यान जरूर रखें क्योंकि इस स्तर पर यह केवल आपकी प्रतिभा को परखने की बात नहीं है बल्कि यह एक युद्ध है – बैटल ऑफ ब्रेन्स। किसी तरह के तनाव की जगह अपना बेस्ट देने की तरफ फोकस करें।

अपना कॉन्फिडेंस बनाए रखें, अगर आप भारत के कॉम्पिटिटिव एग्जाम के माहौल में सफल हो गए हैं तो आपके पास विश्व के सबसे अच्छे ब्रेन्स में से एक है।

प्लान-B को लेकर कई लोगों की सोच अलग होती है लेकिन ज्यादातर स्मार्ट लोग प्लान-B जरूर रखते हैं ताकि बुरे से बुरे सिचुएशन में भी आप हताश न हों।

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Dr. Kirti Sisodia

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