बिना मिट्टी और कम पानी से उगाई जा रही आर्गेनिक फसल, खेती की ये नई तकनीक है बेहद खास!
हाइड्रोपोनिक में मिट्टी के बिना खेती की जाती है। इसे ही सॉयल-लेस फार्मिंग कहते हैं। इसके लिए जमीन की जरूरत नहीं होती है।
हाइड्रोपोनिक में मिट्टी के बिना खेती की जाती है। इसे ही सॉयल-लेस फार्मिंग कहते हैं। इसके लिए जमीन की जरूरत नहीं होती है।
“कृषि क्षेत्र भारत की आत्मा है”, अगर ऐसा कहा जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। सांस्कृतिक विविधताओं की ही तरह भारत में भौगोलिक विविधता का भी व्यापक प्रसार है।
उत्तरप्रदेश के पीलीभीत में बिटिया की बगिया मिसाल कायम कर रही है। दरअसल पीलीभीत के बिलसंडा क्षेत्र का सरकारी स्कूल छात्रों में बुनियादी शिक्षा की नींव डाल रहा है।
Organic Farming खेती भविष्य की मांग है। आज देश में कई किसान आर्गेनिक खेती से कमाई कर रहे हैं। लेकिन कुछ किसान ऐसे भी हैं जो आर्गेनिक खेती कर लोगों के लिए मिसाल बन रहे हैं।
Agricultural scientist Dr. Ajay Prakash Agarwal has developed a new variety of wheat that requires only half the water and produces 3 quintals more than average.
परंपरिक रूप से महिलाओं को कृषि के क्षेत्र में भले ही सिर्फ हेल्पिंग हेंड्स की तरह ही देख गया हो लेकिन पिछले कुछ दशकों ने महिलाओं ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है।
Know how the involvement of technology in improving farm machinery, has led to the improvement in farming processes in India.
रीजेनरेटिव खेती एक ऐसा खेती का तरीका है जो मिट्टी की सेहत को पुनर्स्थापित करने, जैव विविधता को बढ़ाने और मिट्टी में कार्बन को सीधे समेत करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
With a half-liter bottle of this liquid urea, farmers can fertilize their fields as effectively as with a 45 kg sack.
Agroforestry is considered to be an important step to conserve our ecology and environment.