Positivity: Criticism दे सकती है सफलता के नए रास्ते, इसे अपनाकर दे सकते हैं जीवन को दिशा!


अक्सर बड़े लोग ऐसा कहते हैं कि किसी काम को लेकर की गई तारीफ उत्साह और ऊर्जा का संचार करती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमें हमारे काम के लिए आलोचनाओं (Criticism) का भी सामना करना पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रिटिकल थिंकिंग, डोंट स्वेट द स्मॉल स्टफ और थिंक एंड ग्रो रिच जैसी बेस्ट सेलर किताबों में ये कहा गया है कि आलोचनाएं हमें आगे बढ़ने में मदद करती है। हमें एक बेहतर दिशा देती है साथ ही ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है, बस कोशिश करना जरूरी होता है। इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि कैसे हम आलोचनाओं (Criticism) के साथ भी अपने कार्य को एक सकारात्मक दिशा की तरफ मोड़ सकते हैं….

आलोचना करने पर उस पर ध्यान दें

जब भी कोई व्यक्ति हमारी आलोचना करता है तो ये हमारे लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। अगर हम इसे अच्छी सलाह के रूप में एक्सेप्ट करें। दुनिया में महान लोगों की आलोचना कई बार की गई हैं। लेकिन वे कभी अपने लक्ष्य से नहीं भटके। वे खुद में सुधार करते गए लेकिन निराश नहीं हुए। हमारे काम की आलोचना हमें सुधार की तरफ ले जाती है। हम ये जान पाते हैं कि कहां पर सुधार की जरूरत है। कैसे हम सुधार की दिशा में काम कर सकते हैं। कैसे आगे बढ़ सकते हैं। इस तरह अपनी गलतियों की तरफ सुधार करने में हम कामयाब हो सकते हैं।

तनाव दूर करने करें ये काम

बेशक आलोचना से तनाव होना लाजमी है। ऐसा में अगर आप वर्क बैलेंस नहीं कर पा रहे हैं। टारगेटेड काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो काम की सूची बना लें। चाहें तो डायरी में अपने विचार लिखें। उन्हें अपने करीबी से शेयर करें। लिखने से बेचैनी कम होती है और भावनाओं को बाहर निकालने का जरिया भी मिलता है। इसके अलावा योगा और व्यायाम को रूटिन में शामिल करें। मेडिटेशन करें और खुद को शांत रखने की कोशिश करें।

अलग-अलग विचारों के लोगों से मिले लेकिन जल्दी प्रभावित न हों

सफलता के लिए लोगों को समझना बेहद जरूरी होता है। नए दोस्त बनाएं, नए संगठनों की एक्टिविटी में शामिल होना फायदेमंद हो सकता है। खुद को सामाजिक दायरे में लेकर जाएं। लोगों से मिलने से आपकी सोच का दायरा बढ़ेगा। लेकिन लोगों से ज्यादा प्रभावित न हों। आपको क्या करना है ये आपको पता होना चाहिए।

लक्ष्य बेहद स्पष्ट होने चाहिए

कई बार हम चीजों में ऐसा खो जाते हैं कि जरूरी लक्ष्य पिछड़ जाते हैं। इस स्थति से बचने का प्रयास करें। लक्ष्य को बिल्कुल प्रायरिटी दें। रोज अगर बेहद बिजी हैं तो खुद को याद दिलाएं कि आप क्या करना चाहते हैं। आपकी प्रायरिटि क्या है। लिख कर रखें। रिमांडर लगाएं। फोकस कर आगे बढ़ सकते हैं।

नोट- यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और कुछ किताबों के अंश पर बेस्ड हैं।

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Dr. Kirti Sisodia

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