Positivity: योजनाओं से ज्यादा जरूरी है प्रयास करना, जानें कैसे प्रयासों से अपने जीवन को दे सकते हैं सकारात्मक नजरिया



Positivity: भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा के दौर में कई बार हम खुद को भूल जाते हैं। ऐसा लगने लगता है कि हम किसी रेस में भाग रहे हैं। हम कई बार ये तक भूल जाते हैं कि जीवन में कुछ अचीव करने से ज्यादा जरूरी है Peace यानी कि शांति और जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया। कई बार हमें ये पता भी होता है कि हमारे लिए क्या सही है और क्या गलत, लेकिन बावजूद इसके हम सिर्फ योजनाओं में उलझ कर रह जाते हैं, और प्रयास को दरकिनार कर देते हैं। ग्रेट थिंकर्स का ये मानना है कि योजनाओं को बनाना ठीक है लेकिन उनका तब तक कोई मतलब नहीं है जब तक कि उनके लिए प्रयास न किए जाएं। इस लेख के माध्यम से जानते है कि कैसे आप छोटे-छोटे से प्रयासों से अपने जीवन को एक सकारात्मक नजरिया दे सकते हैं।

कोशिशों से मिलेगी सफलता

ठोकर खाने का मतलब फेलियर नहीं है, बल्कि खुद को मजबूत बनाना है। प्रयास करते वक्त आप कई बार असफल होंगे। लेकिन प्रयास को छोड़े नहीं। व्यक्ति टैलेंट की कमी से नहीं बल्कि कोशिश बंद करने से असफल हो जाता है। सफलता के आखिरी पड़ाव पर हार मान लेना ही असफलता होती है। योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए जरूरी है कि आप अंतिम तक प्रयासरत रहें।

दूसरों की तारीफ करें, आभार व्यक्त करना अच्छी आदत

आभार व्यक्त करना, जीवन में होने वाली हर अच्छाई के लिए कृतज्ञ रहना, आपकी सेहत और खुशी के लिए के लिए सबसे जरूरी है। जब हम दूसरों के प्रति आभार व्यक्त करने की चीज सीखते हैं, तो हम अपने प्रयास में सरल हो जाते हैं। कृतज्ञ होना, आभार व्यक्त करना शांति को पाने का पहला स्टेप माना जाता है।

व्यर्थ की थकान से बचें

कई बार योजनाओं को सफल करने के लिए हम ऐसे प्रयास करते हैं जिनकी जरूरत होती ही नहीं। किसी भी काम को करने से पहले ये तय कर ले कि वो वाकई आपके लिए जरूरी है भी या नहीं। व्यर्थ की मेहनत से आपका श्रम और दिमाग व्यर्थ होगा। दिमागी और शारीरिक थकान की बड़ी वजह ही व्यर्थ की चीजों मंा उलझना है। कोशिश करें कि आपके पसंद के कामों से प्रयास की शुरूआत करें। जीवन के कुछ क्षेत्रों में नियंत्रण रखकर आप खुद को व्यर्थ की थकान से दूर कर सकते हैं।

तनाव से खुद को रखें दूर

हमें कई बार पता होता है कि किसी कार्य को करने से हमें तनाव ही होगा। लेकिन फिर भी हम आदतवश उस कार्य में भिड़ जाते हैं। ऐसी स्थितियों से बचें और खुद को मानसिक तनाव से दूर रखें। अगर किसी तनावपूर्ण स्थिति का सामना करने वाले हैं, तो इस दौरान दूसरी चीजों के बारे में सोंचे।

नोट- यह लेख एक्सपर्ट्स के विचारों और मीडिया रिपोर्ट्स और कुछ किताबों पर आधारित है। सी पॉजीटिव का यह उद्देश्य कि हम अपनी छोटी-छोटी कोशिशों से सकारात्मक विचारों को समाज में लाएं।

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Dr. Kirti Sisodia

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