भारतीय किसानों के लिए मददगार साबित हो रहे सौर ऊर्जा संचालित ट्रैक्टर, जानें क्या है फायदे!


Agri Tech: आमतौर पर ट्रैक्टर को चलाने के लिए मुख्य रूप से ईंधन और बिजली की जरूरत होती है, लेकिन बढ़ते ईंधन के दाम और हर गांव तक बिजली समय पर न पहुंच पाने की वजह से ज्यादातर किसान अब सौर ऊर्जा की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं।

कृषि में ट्रैक्टर की उपयोगिता को सभी जानते हैं, खेती-बाड़ी के कामों में ट्रैक्टर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में अब सौर ऊर्जा संचालित ट्रैक्टर भी किसानों को कम बजट में फायदा पहुंचा रहे हैं।

सौर ऊर्जा संचालित ट्रैक्टर के बारे में…

सौर ऊर्जा से चलने वाले ये ट्रैक्टर एक प्रकार की कृषि मशीनरी है। सूर्य के प्रकाश को पकड़ने के लिए ये सौर पैनलों का उपयोग करके काम करते हैं। फिर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इन्हें बैटरी में संग्रहित किया जाता है। इस ऊर्जा का उपयोग तब ट्रैक्टर की मोटर और अन्य उपकरणों, जैसे पंप या रोशनी को चलाने के लिए होता है।

सौर ऊर्जा संचालित ट्रैक्टर के फायदे

सौर ऊर्जा संचालित ट्रैक्टर किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहे हैं। ये डीजल या गैसोलीन जैसे जीवाश्म ईंधन की जरूरत को कम या खत्म करके परिचालन लागत को कम कर सकते हैं। उनका पर्यावरणीय प्रभाव भी कम होता है और वे शून्य उत्सर्जन उत्पन्न करते हैं। ये ट्रैक्टर वायु प्रदूषण या ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन भी नहीं करते हैं। यही नहीं सौर-ऊर्जा से चलने वाले ये ट्रैक्टर दूर-दराज क्षेत्रों में बिजली ग्रिड तक पहुंच के बिना भी सुविधा देते हैं।

कम लागत में करते हैं काम: सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जो भारत में भरपूर मात्रा में मिलते हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैक्टरों का उपयोग करके किसान ईंधन की लागत को बचाते हैं।

पर्यावरणीय लाभ: सौर ऊर्जा हानिकारक उत्सर्जन उत्पन्न नहीं करते हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले इन ट्रैक्टरों का उपयोग करने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और पारंपरिक डीजल से चलने वाले ट्रैक्टरों से जुड़े दूसरे प्रदूषकों को कम करने में सहायता होती है।

बढ़ती है उत्पादकता: सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैक्टर पारंपरिक डीजल से नही चलते हैं। ये डीजल वाले ट्रैक्टरों की तुलना में अधिक समय तक काम करने में सक्षम होते हैं। उन्हें बार-बार ईंधन भरने की जरूरत नहीं होती है। इससे किसानों 
की उत्पादकता और दक्षता बढ़ती है।

आसान रखरखाव: सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैक्टरों में पारंपरिक डीजल चालित ट्रैक्टरों की तुलना में कम रखरखाव की जरूरत होती है। ये मरम्मत और रखरखाव लागत पर किसानों के समय और धन की बचत करते हैं।

ग्रामीण विद्युतीकरण: सौर ऊर्जा से चलने वाले ट्रैक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या को कम कर सकते हैं। ये किसानों की दिक्कतों को कम करने के साथ ही उन्हें विद्युतीकरण से भी जोड़ते हैं।

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Dr. Kirti Sisodia

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