छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य सेवा ने लिखी जीवनदान की नई इबारत: मात्र 900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन; ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘बिहान’ से बदल रही आमजन की तकदीर

छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन और जनहितैषी प्रयासों के तहत स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार अभूतपूर्व सफलताएं सामने आ रही हैं। राज्य में जहां एक ओर अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं ने चमत्कारिक रूप से एक नवजात की जान बचाई है, वहीं दूसरी ओर ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘बिहान’ जैसी योजनाओं ने दूर-दराज के अंचलों में जीवन को आसान बना दिया है。

प्रमुख विकास और उपलब्धियां

क्षेत्र / पहलविवरण एवं मुख्य बिंदु
चिकित्सा चमत्कारमात्र 900 ग्राम वजनी नवजात शिशु को डॉक्टरों की टीम ने कठिन देखभाल से बचाया।
सेवा संकल्प अभियान‘आसरा’ (आश्रय) और ‘करुणा’ (संवेदना) पहलों के साथ जन-जागरूकता गतिविधियां।
ग्रामीण आयुष सेवाएंसेवा संकल्प अभियान के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।
बिहान मिशन सफलतासुनिता को ‘बिहान’ योजना के जरिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग मिला।

1. चिकित्सा सेवाओं की बड़ी सफलता: 900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन

छत्तीसगढ़ की शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यहां के अस्पतालों में जरूरतमंदों को उच्चस्तरीय और संवेदनशील उपचार मिल रहा है।

जन्म के समय मात्र 900 ग्राम वजन वाले एक बेहद कमजोर नवजात को डॉक्टरों और चिकित्सकीय टीम ने अतंर्राष्ट्रीय स्तर की एनआईसीयू (NICU) देखभाल और अथक प्रयासों से नया जीवनदान दिया है।

यह घटना राज्य की चिकित्सा व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई है, जहाँ गरीब से गरीब परिवार के बच्चे को भी बेहतरीन इलाज की सुविधा मिली है।

2. ‘सेवा संकल्प अभियान’: ‘आसरा’ और ‘करुणा’ से मिल रही मानवीय राहत

राज्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक मदद पहुंचाई जा रही है।

  • आसरा पहल: इसके तहत बेसहारा और जरूरतमंदों को सुरक्षित आश्रय और सहायता प्रदान करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
  • करुणा पहल: संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हुए समाज के हर वर्ग को सेवा भाव से जोड़ने के लिए विभिन्न शिविर और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

3. सुदूर अंचलों में गूंजा: आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का ग्रामीण विस्तार

पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और सुलभ इलाज को बढ़ावा देने के लिए सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आयुष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

इन शिविरों के जरिए गांवों के लोगों को घर के नजदीक ही आयुर्वेदिक, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा का लाभ मिल रहा है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिल रही है।

4. ‘बिहान’ से बदली सुनिता की जिंदगी: बनीं आत्मनिर्भर

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) योजना ने एक बार फिर अपनी सार्थकता साबित की है।

बिहान से जुड़कर सुनिता ने न केवल नए हुनर सीखे, बल्कि अपने परिवार के लिए आय का स्थायी जरिया भी तैयार किया। आज वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ से सामने आई ये तमाम सफलताएं इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करती ये योजनाएं आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं।

ये भी देखें – https://seepositive.in/govt-schemes/koriya-seva-ki-kahani-mahtari-vandan-yojana-womens-success-stories/#google_vignette

Sonal Gupta

Content Writer

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