छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, समृद्ध और समावेशी राज्य बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक महीने भर का व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देशानुसार, यह अभियान केवल सरकारी औपचारिकताओं तक सीमित न रहकर ‘जन-आंदोलन’ और ‘जनभागीदारी’ का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस महाअभियान का प्राथमिक उद्देश्य स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और शासकीय योजनाओं के लाभ को सीधे नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाना और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य के तहत ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की नींव को मजबूत करना है।
अभियान के मुख्य स्तंभ और प्राथमिकताएं
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित होने वाली प्रमुख गतिविधियों का विवरण:
| प्राथमिकता क्षेत्र | प्रमुख गतिविधियां एवं लक्ष्य |
| सेवा सेतु शिविर (Seva Setu Camps) | योजनाओं के आवेदनों का त्वरित निपटारा, ऑन-द-स्पॉट स्वीकृति व डिजिटल मॉनिटरिंग। |
| रोजगार एवं कौशल विकास | रोजगार मेलों का आयोजन, युवाओं से आवेदन संकलन और चयनितों को नियुक्ति पत्र वितरण। |
| स्वास्थ्य एवं पोषण | निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, एनीमिया/कुपोषण मुक्ति शिविर, और रक्तदान अभियानों का संचालन। |
| पर्यावरण एवं स्वच्छता | ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान तथा ‘एक पेड़ मां के नाम‘ के तहत रिकॉर्ड पौधरोपण। |
| नारी व बाल कल्याण | महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का सम्मान, आंगनवाड़ी व स्कूलों में पोषण चौपाल। |
‘सेवा सेतु शिविरों‘ से समस्याओं का मौके पर समाधान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान ‘सेवा सेतु शिविर’ आयोजित किए जाएं।
- एक ही छत के नीचे सेवाएं: इन शिविरों में आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, महतारी वंदन योजना, और राशन कार्ड से जुड़े आवेदनों के लिए विशेष काउंटर लगाए जाएंगे।
- डिजिटल ट्रैकिंग: नागरिकों से प्राप्त आवेदनों की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी, जिससे पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से समस्याओं का निवारण हो सके।
युवाओं को रोजगार और ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पौधरोपण
यह अभियान प्रदेश के युवाओं और भावी पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का भी एक मंच है:
- रोजगार के प्रत्यक्ष अवसर: स्थानीय स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन कर निजी और व्यावसायिक क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे और शिविरों में ही नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
- 2.5 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य: पर्यावरण संरक्षण के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को गति देते हुए प्रदेश भर में वृहद स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा।
- स्कूली स्पर्धाएं: स्कूलों और कॉलेजों में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों में जनसेवा के संस्कार बीजे जाएंगे।
जनभागीदारी से ही साकार होगा ‘विकसित छत्तीसगढ़‘
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), युवाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और स्थानीय निकायों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
“सेवा ही सुशासन का आधार है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का उजाला पहुंचाएंगे। जब राज्य का प्रत्येक नागरिक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ेगा, तभी ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का सपना साकार होगा।” — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
17 सितंबर से शुरू हो रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक सरोकार और सामुदायिक सहभागिता की एक नई मिसाल कायम करेगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वच्छ वातावरण, रोजगार और पारदर्शी शासन के संकल्प के साथ यह महाअभियान राज्य को विकास के नए शिखरों पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा।

