छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं और बेटियों के सम्मान, सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तब संभव है, जब उसकी बेटियां सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हों। यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का जनआंदोलन बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अभियान का उद्देश्य क्या है?
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा अवसरों से जोड़ना है। इसके माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि बेटी केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की शक्ति है। अभियान के तहत जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रत्येक बेटी सुरक्षित महसूस करे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर पाए। उन्होंने समाज से भी बेटियों के सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने की अपील की।
अभियान की प्रमुख विशेषताएं
1. बेटियों के सम्मान का जनजागरण
राज्यभर में जागरूकता कार्यक्रम, संवाद, रैलियां और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ताकि बेटी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।
2. शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
बालिकाओं के स्कूल और उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने तथा ड्रॉपआउट कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
3. महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
4. स्वास्थ्य एवं पोषण
किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया जैसी चुनौतियों पर विशेष अभियान संचालित किए जाएंगे।
5. आत्मनिर्भर बेटियां
कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक बालिकाओं और महिलाओं तक पहुंचाई जाएगी।
समाज की भागीदारी होगी सबसे बड़ी ताकत
इस अभियान की सफलता केवल सरकारी प्रयासों पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि परिवार, शिक्षकों, युवाओं, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। अभियान का उद्देश्य हर नागरिक को यह संदेश देना है कि बेटी का सम्मान पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
महिलाओं के सम्मान से विकसित होगा समाज
विशेषज्ञों का मानना है कि जब महिलाओं और बेटियों को समान अवसर मिलते हैं, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति के सभी संकेतकों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने इस अभियान की शुरुआत की है।
बदलाव का प्रयास
‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान केवल एक सरकारी पहल नहीं बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव का प्रयास है। इसका उद्देश्य प्रत्येक बेटी को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का अधिकार दिलाना है। यदि समाज और सरकार मिलकर इस दिशा में काम करें, तो बेटियां न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य और देश का गौरव बनेंगी।

