मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हरित छत्तीसगढ़ विजन को मिलेगा बल, अब आम नागरिकों तक आसानी से पहुँचेंगे पौधे
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और अभिनव पहल की है। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर बीजापुर जिले में पहला ‘ट्री एटीएम’ शुरू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आम लोगों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराना, वृक्षारोपण को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।
यह पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के उस विजन को भी मजबूती देती है, जिसमें राज्य में हरित आवरण बढ़ाने, जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
क्या है ‘ट्री एटीएम’?
‘ट्री एटीएम’ एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रजातियों के पौधे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य पौधों के वितरण की प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यवस्थित बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण अभियान से जुड़ सकें।
हरित भविष्य की ओर एक अभिनव पहल
वन विभाग का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ ट्री एटीएम की शुरुआत की गई है, जिससे लोगों में वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
इस पहल के माध्यम से नागरिकों को न केवल पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि उन्हें वृक्षारोपण के महत्व और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के हरित विजन को मिलेगा नया आयाम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है। वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में विभिन्न पहलें की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक हरित और स्वच्छ छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।
बीजापुर में शुरू हुआ यह पहला ट्री एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो लोगों को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ वृक्षारोपण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने में भी सहायक होगा।
पर्यावरण संरक्षण में जनसहभागिता होगी मजबूत
वन विभाग को उम्मीद है कि ट्री एटीएम की यह पहल लोगों को अधिक संख्या में वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करेगी। स्थानीय नागरिकों को आसानी से पौधे उपलब्ध होने से हरित क्षेत्र बढ़ाने, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
बीजापुर में शुरू हुआ यह नवाचार भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो सकता है।

