‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ से सशक्त होंगे भारत के गांव, जानें कैसे इस प्रोग्राम से बदलेगी ग्रामीण भारत की तस्वीर !



भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य अरुणाचल प्रदेश में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की शुरूआत हो चुकी है। अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले के सीमावर्ती गांव किबिथू में ‘वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किबिथू में “स्वर्ण जयंती सीमा प्रकाश कार्यक्रम” के तहत निर्मित अरुणाचल प्रदेश सरकार की नौ माइक्रो हाइडल परियोजनाओं की भी शुरुआत की है। ये बिजली परियोजनाएं सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन को कई तरह से बदलेगी।

PM मोदी के नेतृत्व में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए सड़क संपर्क के लिए विशेष रूप से 2500 करोड़ रुपये सहित 4800 करोड़ रुपये के केंद्रीय योगदान के साथ ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’(वीवीपी) को लेकर हामी भरी थी।

‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत सरकार सीमावर्ती गांवों को मजबूती देने की दिशा में काम करेगी। इन गांवों को सरकार रोड कनेक्टिविटी, पेयजल, सौर और पवन ऊर्जा सहित बिजली, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन केंद्र, बहुउद्देश्यीय केंद्र और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों से जोड़ेगी। देश के पहाड़ी और सीमाई राज्यों में इस योजना की शुरुआत हो रही है।

इस योजना को अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले के सीमावर्ती गांव किबिथू में शुरू किया गया है। वीवीपी भारत-चीन सीमा से सटे गांवों के एकीकृत विकास के उद्देश्य से 4,800 करोड़ रुपये की केंद्र प्रायोजित र स्कीम है।

किबिथू अरुणाचल प्रदेश में सबसे अंतिम सर्कल मुख्यालयों में शामिल है। समुद्र तल से 1,305 मीटर की ऊंचाई पर स्थित किबिथू एलएसी से लगभग 15 किलोमीटर दक्षिण और भारत-चीन-म्यांमार ट्राई-जंक्शन से 40 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का उद्देश्य

‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ चिन्हित सीमावर्ती गांवों के लोगों के जीवनस्तर में सुधार करने में मददगार साबित होगा। इस प्रोग्राम के माध्यम से उन्हें अपने मूल स्थानों पर रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिससे इन गांवों से पलायन रुक सके और सीमा की सुरक्षा बढ़ाने में मदद हो। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में उत्तरी सीमा से सटे 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 2,967 गांवों की ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत नई पहचान मिलेगी। पहले चरण में प्राथमिकता कवरेज के लिए 662 गांवों की पहचान हुई है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश के 455 गांव शामिल हैं।

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Dr. Kirti Sisodia

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