CG CDS Topper
सीडीएस परीक्षा में ऑल इंडिया 4थी रैंक हासिल कर रचा इतिहास
CG CDS Topper: छत्तीसगढ़ की मिट्टी ने एक बार फिर देश को एक जांबाज सैन्य अधिकारी दिया है। मुंगेली जिले के एक छोटे से गांव टेढ़ाधौंरा की रहने वाली सुप्रिया सिंह श्रीनेत ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से वह मुकाम हासिल किया है, जो लाखों युवाओं का सपना होता है। सुप्रिया ने सीडीएस (CDS) परीक्षा में पूरे भारत में चौथा स्थान (AIR 4) प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया और राज्य के युवाओं के लिए उन्हें एक आदर्श बताया।
मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
हाल ही में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुप्रिया और उनके माता-पिता को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सुप्रिया का मुँह मीठा कराकर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा
“सुप्रिया की सफलता यह स्पष्ट संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो साधारण पृष्ठभूमि का युवा भी असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकता है। सुप्रिया का अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति यह जज्बा छत्तीसगढ़ के हर युवा के लिए प्रेरणास्रोत है।”
भारतीय सेना तक का सफर
सुप्रिया की कहानी उन सभी के लिए एक जवाब है जो मानते हैं कि बड़ी सफलताएं केवल बड़े शहरों या संपन्न परिवारों तक सीमित होती हैं। 23 वर्षीय सुप्रिया एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता श्री वैदेही शरण सिंह और माता श्रीमती संतोषी सिंह श्रीनेत ने सीमित संसाधनों के बावजूद सुप्रिया की शिक्षा और उनके सपनों को कभी टूटने नहीं दिया।
शिक्षा और NCC का योगदान
सुप्रिया की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से हुई। उन्होंने कक्षा 10वीं में 71% और 12वीं में 58% अंक प्राप्त किए थे। अंकों के इस औसत ग्राफ के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्युनिकेशन) की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के दौरान ही सुप्रिया एनसीसी से जुड़ीं और जूनियर अंडर ऑफिसर के पद तक पहुँचीं। यहीं से उनके भीतर देश सेवा का जज्बा पैदा हुआ और उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का संकल्प लिया।
दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम की मिसाल
वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद, सुप्रिया ने बिना समय गंवाए सीडीएस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कोचिंग के साथ-साथ खुद पर भरोसा रखा और नियमित अभ्यास किया। उनकी कड़ी मेहनत का ही नतीजा था कि उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमिशन (SSC) के तहत आयोजित एसएसबी साक्षात्कार में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की। अब वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात होकर देश की सीमाओं की रक्षा करेंगी।
कला और साहस का संगम
सुप्रिया केवल पढ़ाई और सैन्य प्रशिक्षण में ही अव्वल नहीं हैं, बल्कि उनका व्यक्तित्व काफी रचनात्मक भी है। उन्हें नृत्य (Dance) में गहरी रुचि है। उनका मानना है कि नृत्य उन्हें मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान करता है। एक तरफ जहां वे युद्ध कौशल और अनुशासन में माहिर हैं, वहीं दूसरी तरफ कला के प्रति उनका प्रेम उनके व्यक्तित्व को संपूर्ण बनाता है।
युवाओं और बेटियों के लिए नई राह
सुप्रिया की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल की उन हजारों बेटियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है, जो रक्षा सेवाओं में अपना करियर बनाना चाहती हैं। मुंगेली कलेक्टर कुन्दन कुमार ने भी सुप्रिया की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।
सुप्रिया सिंह श्रीनेत की यह प्रेरक कहानी हमें सिखाती है कि असफलता या औसत अंक आपके भविष्य का फैसला नहीं करते, बल्कि आपकी मेहनत और कभी न हार मानने वाली जिद आपको ‘आसमान’ तक ले जा सकती है।
ये भी देखें

