NIT स्टूडेंट ने इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए बनाई सोलर बेस्ड मल्टी पोर्ट चार्जिंग सिस्टम, जानें खासियत!

Innovation: एनआईटी (NIT) की एमटेक स्टूडेंट प्राची अग्रवाल ने ई- व्हीकल (ईवी) चार्जिंग करने के लिए मल्टी पोर्ट सिस्टम का डिजाइन तैयार किया है। इस सिस्टम में एक साथ दो ई व्हीकल्स को चार्ज करने की क्षमता है। इस डिजाइन में 
उन्होंने सोलर पैनल भी इंस्टाल किया है। इससे चार्जिंग सिस्टम खुद पॉवर जनरेट कर व्हीकल्स को चार्ज कर सकता है, वहीं इसके पॉवर को ग्रीड पर भी भेज सकते हैं। प्राची ने इसका सॉफ्टवेयर मॉडल बनाया है। इसी बेस पर उनका प्लेसमेंट लग्जरी गाड़ी बनाने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय कंपनी में हुआ है। प्राची आरएनडी डिपार्टमेंट में 15 लाख के पैकेज पर नौकरी करेंगी।

सॉफ्टवेयर बनकर तैयार, टेस्टिंग भी पूरी

मल्टी पोर्ट सिस्टम का सॉफ्टवेयर मॉडल बकर तैयार हो गया है। इसे रियल टाइम सॉफ्टवेयर में टेस्ट भी किया गया है। इसमें ये भी चेक किया गया है कि अगर पॉवर कम या ज्यादा हो तो इससे कोई इफेक्ट व्हीकल या स्टेशन को तो नहीं पड़ेगा। इस मल्टी पोर्ट चार्जिंग का सिस्टम पूरा कंट्रोल्ड है।

स्लो और फास्ट दोनों तरह के पोर्ट

प्राची अपने इस इनोवेशन को लेकर कहती हैं कि ई व्हीकल्स दो टाइप के होते है, स्लो चार्जिंग एलॉव तो व्हीकल फास्ट चार्जिंग एलॉव। इसे देखते हुए हमने इस चार्जिंग स्टेशन में दो तरह के चार्जिंग पोर्ट तैयार किए हैं। फिलहाल जो सिस्टम अभी आते है उसमें एक ही पोर्ट होता है। इसमें एक ही ट्रांसफॉरमर को यूज करके दो काम किया जा सकता है। इसका फायदा ये होगा कि हर स्टेशन के लिए एक ट्रांसफॉरमर लगाने से बचा जा सकेगा। इसके टेक्निकल टर्म के लॉस को भी कम किया जा सकता है। सिस्टम के कॉस्ट के लिए इसमें कई तरह के काम किए जा सकते हैं।

इसमें पॉवर जनरेट करके लिए सोलर पैनल लगाया जाता है, जिससे पॉवर जनरेट होगी और उसका यूज गाड़ियों को चार्ज करने में किया जाएगा। अगर गाड़ी चार्ज नहीं हो रहा हो तो उसे या तो बैटरी में स्टोर कर सकते है या उस पॉवर को डायरेक्ट ग्रीड को भी भेज सकते है। इससे पॉवर का लोड कम होगा।

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Dr. Kirti Sisodia

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