साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी 5 स्टेप्स, टेक और गैजेट्स की मदद से बनें स्मार्ट टेक यूजर!


टेक प्रो होती हमारी लाइफ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है ऐप्स और स्मार्टफोन्स। छोटे से रिचार्ज से लेकर बड़े ट्रांजेक्शन्स के लिए हर व्यक्ति आज एप्स पर ही डिपेंडेंट हैं। ऐसे में आजकल साइबर सुरक्षा एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभरा है। गैजेट्स और टेक तो आज की जरूरत है, तो इनके इस्तेमाल में थोड़ी सी स्मार्टनेस से हम किसी भी तरह के साइब फ्रॉड से बच सकते हैं। किसी भी तरह के एप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट का इस्तेमाल करते समय रखें इन बातों का खास ख्याल

टू फैक्टर अथेंटिकेशन करें इनेबल

सोशल मीडिया के इस्तेमाल के समय टू फैक्टर अथेंटिकेशन (2FA) को जरूर इनेबल करें। ये किसी सुरक्षा कवच की तरह ही काम करता है। इससे हैकर या फ्रॉड से सुरक्षा मिलती है। इसके इनेबल होने का ये फायदा है कि अगर यूजर का पासवर्ड हैक हो जाता है तब भी अकाउंट तक बगैर दूसरे अथेंटिकेशन के कोई इंटर नहीं कर सकता है। फिर चाहे वो यूजर का आइरिस स्कैन हो या फिंगरप्रिंट्स या फिर OTP, इसलिए इस सेटिंग को जरूर इनेबल करना चाहिए।

प्राइवेसी सेटिंग्स को दें प्राथमिकता

किसी भी प्लेटफॉर्म पर यूजर के पर्सनल डेटा की सुरक्षा पहला पहरेदार यूजर का फोन और उस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी गई प्राइवेसी सेटिंग्स होती है। वक्त-वक्त पर और हर अपडेट के बाद इन प्राइवेसी सेटिंग्स पर नजर डालते रहना चाहिए। उदाहरण से समझते हैं, जैसे कि यह देखें कि आपकी पोस्ट्स उस प्लेटफॉर्म पर किस-किस को दिखाई दे रही है। आपके कॉन्टैक्ट्स, फ्रेंड्स की एक्सेस किसे-किसे मिली हुई  हैं? आपके फोटो कौन-कौन देख रहा है। और सबसे महत्वपूर्ण ये कि आपका लोकेशन का एक्सेस कहीं ‘Always Allow’ जैसे ऑप्शन पर तो टिक नहीं है।

पासवर्ड को लेकर किसी पर नहीं करें विश्वास

ज्यादातर यूजर आजकल काफी अवेयर हो गए हैं। वो किसी के भेजे गए लिंक और मैसेज नहीं खोलते हैं। तो ऐसे में हैकर्स ने नया तरीका खोज लिया। हैकर्स दोस्तों के सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर पैसे मांगने या मदद मांगने के बहाने से अटैक करते हैं। ये सब किसी चैट या हाइपरलिंक्स की मदद से किया जाता है। अगर दोस्तों के द्वारा किसी चैट पर आपको कोई चीज डाउनलोड करने को या किसी लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए जो आपके ‘दोस्त’ द्वारा भेजा गया हो सकता है तो इसके लिए सतर्क रहें।


‘इनेक्टिव’ फ्रेंड्स के अकाउंट्स पर रखें नजर

समय के साथ सोशल मीडिया पर फ्रेंड लिस्ट बढ़ती जाती है, जिनमें से कुछ तो जानकार होते हैं और कुछ अनजान लोग। इनसे न तो आप कभी मिले होते हैं और ना ही आप रोजाना उनसे इंटरैक्ट होते हैं। इनमें से कई तो इनेक्टिव भी होते हैं। ऐसे में अपनी फ्रेंड लिस्ट में से हर दो महीने में एक बार ऐसे फ्रेंड्स को बाहर कर दें जो इनेक्टिव हैं।


शेयर करने से पहले दो बार जरूर सोचें

इंटरनेट की डायरेक्ट्री में कोई भी डेटा अगर एक बार दर्ज हो जाती है तो फिर वो पूरी तरह से डिलीट नहीं हो पाती है। इसीलिए सोशल मीडिया पर अपनी बेहद निजी जानकारियां कभी भी नहीं डालें। जैसे घर का पता, फोन नंबर या फाइनेंशियल डेटा को तो बिल्कुल सहेज कर रखें। फोटो-वीडियो शेयर करते वक्त भी ये सब पहले से सोचें कि कोई इसे गलत तरीके से यूज तो नहीं कर लेगा।

जितनी सुविधाएं और सहूलियत आजकल टेक जनरेशन के एडवांसमेंट से मिली है उतनी ही इसके नेगेटिव फैक्टर्स भी हैं। लेकिन थोड़ी सी जानकारी और सतर्कता से किसी भी तरह की नेगेटिव सिचुएशन से बचा जा सकता है।

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Dr. Kirti Sisodia

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