Model Youth Gram Sabha: छत्तीसगढ़ के जनजातीय गौरव और युवा नेतृत्व ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी चमक बिखेरी है। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित देश की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’(MYGS) प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। इस बड़ी उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ की युवा टीम को आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में एक भव्य समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
800 स्कूलों को पछाड़ा
‘नेशनल चैंपियन’
यह प्रतियोगिता सामान्य नहीं थी; इसमें देशभर के 800 से अधिक प्रतिष्ठित स्कूलों ने हिस्सा लिया था। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को ग्रामीण शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराना था। ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने मॉक ग्राम सभा के माध्यम से न केवल शासन संचालन का अनुशासन दिखाया, बल्कि ग्रामीण समस्याओं के व्यावहारिक और सटीक समाधान भी प्रस्तुत किए।
छत्तीसगढ़ का यह शीर्ष स्थान यह सिद्ध करता है कि राज्य के जनजातीय आवासीय स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का बीजारोपण कितनी गहराई से किया जा रहा है।
क्या है ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ पहल?
मॉडल यूथ ग्राम सभा एक दूरदर्शी कार्यक्रम है जिसे युवाओं में सहभागी शासन (Participatory Governance) की संस्कृति विकसित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
- उद्देश्य: युवाओं को यह समझाना कि ग्राम सभाएं कैसे काम करती हैं और जमीनी स्तर पर निर्णय कैसे लिए जाते हैं।
- प्रक्रिया: छात्र मॉक सत्र आयोजित करते हैं जहाँ वे सरपंच, सचिव और ग्रामीणों की भूमिका निभाते हुए स्थानीय मुद्दों पर बहस और समाधान पेश करते हैं।
- सफलता: मात्र तीन महीनों के भीतर इस पहल ने देश के कोने-कोने तक पहुँच बनाई, जिसमें ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए ‘अनुशासन और नवाचार’ के नए मानक स्थापित किए।
विद्यालय प्रबंधन में हर्ष की लहर
इस ऐतिहासिक सफलता पर ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस मंच ने छात्रों को लोकतांत्रिक ढांचे को समझने का एक प्रभावी अवसर दिया है। अब पूरी टीम 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय सम्मान समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जहाँ केंद्र सरकार द्वारा उनके कौशल को सराहा जाएगा।
छत्तीसगढ़ के लिए इस उपलब्धि के मायने
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| राष्ट्रीय गौरव | देश के शीर्ष 6 स्कूलों में छत्तीसगढ़ का प्रथम आना राज्य की शिक्षा प्रणाली की जीत है। |
| युवा नेतृत्व | यह पहल भविष्य के जिम्मेदार नागरिक और ‘युवा राजदूत’ तैयार करने में सहायक है। |
| जनजातीय सशक्तिकरण | एकलव्य विद्यालयों के छात्रों की यह सफलता जनजातीय क्षेत्रों में प्रतिभा की प्रचुरता को दर्शाती है। |
| समारोह की तिथि | 28 जनवरी 2026 को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में पुरस्कार दिया जाएगा। |
भविष्य के ‘युवा राजदूत’ तैयार
पंचायती राज मंत्रालय की इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि अब छात्र केवल किताबों में ‘लोकतंत्र’ नहीं पढ़ रहे, बल्कि उसे जी रहे हैं। कोसमबुड़ा के इन छात्रों ने दिखाया है कि यदि अवसर मिले, तो ग्रामीण और जनजातीय पृष्ठभूमि के युवा देश के शासन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए सबसे ठोस सुझाव दे सकते हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह वास्तव में भारत के उज्ज्वल लोकतांत्रिक भविष्य का उत्सव होगा।
छत्तीसगढ़ सरकार और शिक्षा विभाग के लिए यह उपलब्धि एक मील का पत्थर है, जो राज्य के अन्य शिक्षण संस्थानों को भी सहभागी शासन और सामाजिक विकास की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
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