UNESCO की सूची में शामिल कांगेर वैली नेशनल पार्क!

World Heritage Day – Kanger Valley National Park: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Kanger Valley National Park) ने अपनी अनूठी जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के चलते यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल की अस्थाई सूची (UNESCO Tentative List) में जगह बनाई है। यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है, क्योंकि यह छत्तीसगढ़ का पहला स्थल है जिसे इस सूची में शामिल किया गया है। अगले वर्ष इसे स्थाई सूची में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।

प्राकृतिक धरोहर

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध जैव विविधता (Biodiversity) के लिए जाना जाता है। यहाँ 900 से अधिक वनस्पतियों और 140 से अधिक तितली प्रजातियों का वास है। यह पहाड़ी मैना (Hill Myna) का प्राकृतिक आवास है, जो इंसानों की तरह बोल सकती है। इसके अलावा, यहाँ माउस डियर, लेथिस सॉफ्टशेल टर्टल, और जंगली भेड़िया जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं।

प्राचीन गुफाओं का रहस्य

कांगेर घाटी की गुफाएँ अपनी भौगोलिक विशेषताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहाँ कोटमसर, कैलाश और दंडक गुफाएँ स्थित हैं, जो चूना पत्थर की संरचनाओं (Limestone Caves) से बनी हुई हैं। खास बात यह है कि ये गुफाएँ अभी भी “जिंदा” हैं, यानी इनमें नई चूना पत्थर संरचनाओं का निर्माण जारी है।

जलप्रपातों का मनोरम सौंदर्य

यह राष्ट्रीय उद्यान कई खूबसूरत जलप्रपातों से सुशोभित है। तीरथगढ़ जलप्रपात (Teerathgarh Waterfall) और कांगेर जलधारा (Kanger Dhara) यहाँ के प्रमुख आकर्षण हैं, जो घने जंगलों के बीच मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

संस्कृति के संरक्षक

इस क्षेत्र में धुरवा जनजाति (Dhurwa Tribe) निवास करती है, जो हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता को संजोए हुए हैं। ये आदिवासी जंगलों को संरक्षित करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यूनेस्को की सूची में शामिल होने का महत्व

  • वैश्विक पहचान (Global Recognition) – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कांगेर घाटी की पहचान बढ़ेगी।
  • पर्यटन को बढ़ावा (Tourism Growth) – राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
  • संरक्षण को बढ़ावा (Conservation Boost) – जैव विविधता और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों को बल मिलेगा।
  • स्थानीय रोजगार के अवसर (Employment Opportunities) – पर्यटन उद्योग में नए अवसर सृजित होंगे।

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Positive सार

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर है। इसकी असाधारण जैव विविधता, ऐतिहासिक गुफाएँ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति इसे विशिष्ट बनाती हैं। यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल होना इस अद्भुत धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि यह स्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल होता है, तो यह क्षेत्र न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहर का केंद्र बन जाएगा।

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Rishita Diwan

Content Writer

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