Mahashivratri 2026 हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व आस्था और आध्यात्म का सबसे बड़ा संगम माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था और महादेव ‘ज्योतिर्लिंग’ के रूप में प्रकट हुए थे। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस अवसर पर यदि आप भी महादेव के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो भारत के इन चमत्कारी और अनोखे मंदिरों की यात्रा आपके लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित हो सकती है।
1. तुंगनाथ मंदिर, उत्तराखंड
- दुनिया का सबसे ऊंचा शिवालय
हिमालय की गोद में बसा तुंगनाथ मंदिर दुनिया का सबसे अधिक ऊंचाई (12,000 फीट से ज्यादा) पर स्थित शिव मंदिर है। उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित यह मंदिर ‘पंच केदार’ में से एक है।
- खासियत
यहाँ पहुँचने के लिए चोपता से एक कठिन लेकिन बेहद खूबसूरत ट्रेक करना पड़ता है। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच स्थित यह मंदिर भक्तों को असीम शांति और आत्मिक संतोष प्रदान करता है।
2. भोजेश्वर मंदिर, मध्य प्रदेश
- विशालता का प्रतीक
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित भोजेश्वर मंदिर वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। 11वीं सदी में राजा भोज द्वारा निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के बावजूद भव्यता में किसी से कम नहीं है।
- खासियत
यहाँ स्थापित शिवलिंग एक ही पत्थर से निर्मित है और इसकी विशालता देखकर भक्त दंग रह जाते हैं। पत्थरों पर की गई नक्काशी प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग का प्रमाण है।
3. जागेश्वर धाम, उत्तराखंड
- देवदारों के बीच आध्यात्मिक केंद्र
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम 100 से अधिक प्राचीन मंदिरों का एक समूह है। घने देवदार के जंगलों के बीच बसा यह धाम साधना और ध्यान के लिए उत्तम स्थान माना जाता है।
- खासियत
यहाँ का शांत वातावरण और सदियों पुराने मंदिरों की वास्तुकला शिव भक्तों को एक अलग ही लोक में ले जाती है।
4. पाताल भुवनेश्वर, उत्तराखंड
- रहस्यों की गुफा
पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर एक प्राकृतिक गुफा मंदिर है। यहाँ तक पहुँचने के लिए संकरे रास्तों से होकर जमीन के काफी नीचे उतरना पड़ता है।
- रोचक तथ्य
गुफा के भीतर चूना पत्थर की ऐसी आकृतियाँ हैं जिन्हें देवी-देवताओं और पौराणिक कथाओं से जोड़ा जाता है। यहाँ एक ऐसा शिवलिंग है जिसके बारे में मान्यता है कि यह हर साल बढ़ रहा है। कहा जाता है कि जिस दिन यह शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा, उस दिन प्रलय आ जाएगी।
5. मतंगेश्वर मंदिर, खजुराहो
- जीवित शिवलिंग
खजुराहो के प्रसिद्ध मंदिरों के समूह में मतंगेश्वर मंदिर एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ आज भी नियमित पूजा-अर्चना होती है।
- मान्यता
यहाँ लगभग 8 फीट ऊँचा शिवलिंग स्थापित है। स्थानीय लोगों और भक्तों का अटूट विश्वास है कि यह शिवलिंग हर साल तिल के बराबर ऊपर और नीचे (पाताल की ओर) बढ़ता है।
6. भूतेश्वर महादेव
- छत्तीसगढ़ का गौरव
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के जंगलों में स्थित भूतेश्वर महादेव को दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है।
- चमत्कार
यह शिवलिंग किसी ने बनाया नहीं है, बल्कि यह जमीन से स्वतः प्रकट हुआ है। सरकारी आंकड़ों और स्थानीय माप के अनुसार, इसकी ऊंचाई और चौड़ाई हर साल बढ़ती जा रही है, जो वैज्ञानिकों के लिए भी शोध का विषय है।
महाशिवरात्रि 2026 की यात्रा के लिए टिप्स
- बुकिंग- महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ होती है, इसलिए यात्रा और ठहरने की बुकिंग पहले से कर लें।
- तैयारी- हिमालयी क्षेत्रों (तुंगनाथ, जागेश्वर) में फरवरी में अत्यधिक ठंड होती है, अतः भारी ऊनी कपड़े साथ रखें।
- स्थानीय नियम- मंदिर परिसरों में फोटोग्राफी और पारंपरिक वेशभूषा से जुड़े नियमों का सम्मान करें।
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