Gangrel Boat Race:छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले ने खेल और पर्यटन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख दिया है। गंगरेल बांध की विशाल जलराशि पर पहली बार आयोजित ‘महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप’ ने न केवल स्थानीय लोगों का दिल जीता, बल्कि राज्य को जल-क्रीड़ा (Water Sports) के वैश्विक मानचित्र पर लाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी बढ़ाया है।
जल, खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम
धमतरी के गंगरेल बांध (रविशंकर जलाशय) में आयोजित इस नौकायान उत्सव ने ‘मिनी गोवा’ कहे जाने वाले इस पर्यटन स्थल को एक नई पहचान दी है। मचान हाट प्वाइंट से शुरू होकर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक की 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी को पार करने के लिए जब नावें पानी पर उतरीं, तो नजारा देखने लायक था। इस प्रतियोगिता में धमतरी के अलावा पड़ोसी जिलों कांकेर और बालोद की कुल 52 टीमों ने हिस्सा लेकर अपनी ताकत और संतुलन का परिचय दिया।
आयोजन का भव्य शुभारंभ
उत्सव की शुरुआत विधिवत रूप से विधायक श्री ओमकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा और पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू ने हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के आला अधिकारी, जिनमें कलेक्टर अविनाश मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र ठाकुर शामिल थे, उपस्थित रहे। अतिथियों ने इस आयोजन को स्थानीय कौशल और पर्यटन को बढ़ावा देने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया।
महिला शक्ति का अनुकरणीय प्रदर्शन
इस चैंपियनशिप की सबसे खास और प्रेरक बात ग्रामीण अंचलों की महिलाओं की भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, श्रीमती सुमन और श्रीमती दिनेश्वरी निधार ने जब अपनी पारंपरिक लकड़ी की नावों के साथ पानी की लहरों को चीरना शुरू किया, तो पूरा तट तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आधुनिक संसाधनों की कमी के बावजूद इन महिलाओं का साहस यह बताने के लिए काफी था कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।
रोमांचक परिणाम
प्रतियोगिता बेहद कांटे की रही। अंतिम क्षणों तक रोमांच बना रहा, जिसमें विजेताओं ने न केवल गति बल्कि जबरदस्त टीम वर्क का प्रदर्शन किया।
| स्थान | टीम/बोट विवरण | पुरस्कार राशि |
| प्रथम | बोट क्र. 04 (रोमार निषाद एवं जीतु निषाद) | ₹1,00,000 |
| द्वितीय | बोट क्र. 01 (सत्वंत मंडावी एवं मिथलेश मंडावी) | ₹50,000 |
| तृतीय | बोट क्र. 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी) | ₹25,000 |
विशेष श्रेणी पुरस्कार
- सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा- पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद (₹11,000)
- सर्वश्रेष्ठ सजावट- रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद (₹11,000)
- महिला प्रोत्साहन- जिला प्रशासन द्वारा साहसी महिला टीमों के लिए ₹15,000, ₹10,000 और ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार।
पर्यावरण और सुरक्षा की पहल
यह उत्सव सिर्फ खेल तक सीमित नहीं था। जिला प्रशासन ने इस मंच का उपयोग सामाजिक संदेश देने के लिए भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली गई। साथ ही, मछुआरा समुदाय को सशक्त बनाने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा 8 समितियों को आइस बॉक्स प्रदान किए गए। पर्यटकों और प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक आधुनिक ‘वॉटर एंबुलेंस’ का भी शुभारंभ किया गया, जो भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
पर्यटन और विकास की नई उड़ान
कलेक्टर अविनाश मिश्रा के अनुसार, गंगरेल नौकायान उत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं में साहसिक खेलों (Adventure Sports) के प्रति रुचि जगाना और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को पर्यटन के माध्यम से गति देना है। महानदी की इन लहरों ने आज यह साबित कर दिया है कि गंगरेल आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर की बोट रेस का केंद्र बन सकता है।
Positive सार
गंगरेल नौकायान उत्सव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि परंपरा और आधुनिक खेल को साथ लाया जाए, तो ग्रामीण प्रतिभाएं चमत्कार कर सकती हैं। ₹1 लाख का प्रथम पुरस्कार और हजारों की भीड़ ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के सबसे सफल खेल आयोजनों में से एक बना दिया है।
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