- Delhi to Ambikapur Flight
- अंबिकापुर से दिल्ली-कोलकाता के लिए सीधी उड़ान
- जानें किराया, शेड्यूल और रूट
Delhi to Ambikapur Flight: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के लिए 31 मार्च 2026 का समय एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो रहा है। लंबे इंतजार के बाद, उत्तर छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा कहे जाने वाले अंबिकापुर के मां महामाया एयरपोर्ट (दरिमा) से देश के दो बड़े महानगरों दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी विमान सेवा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सेवा का वर्चुअल उद्घाटन कर सरगुजा के विकास को नई ऊंचाई दी है।
यह केवल एक हवाई सेवा नहीं, बल्कि आदिवासी बहुल सरगुजा क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का नया अध्याय है। आइए जानते हैं इस नई फ्लाइट सेवा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।
1950 से 2026 तक का सफर
अंबिकापुर का दरिमा एयरपोर्ट कोई नया निर्माण नहीं है। इसका इतिहास साल 1950 से जुड़ा है, जब इसे पहली बार बनाया गया था। हालांकि, दशकों तक यह केवल छोटे चार्टर विमानों या वीआईपी मूवमेंट तक सीमित रहा। साल 2021 में इसके कायाकल्प की योजना बनी और इसे 3C कैटेगरी के तहत अपग्रेड किया गया, ताकि 72 सीटों वाले ATR-72 विमान यहाँ सुरक्षित लैंड कर सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2024 को इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था, और अब 2026 में यहाँ से नियमित कमर्शियल उड़ानें शुरू हो गई हैं।
दिल्ली-कोलकाता फ्लाइट का पूरा शेड्यूल
नई उड़ानों का संचालन सप्ताह में निर्धारित दिनों पर किया जाएगा, जिसमें बिलासपुर को एक ‘स्टॉप’ के रूप में जोड़ा गया है।
1. दिल्ली रूट (सोमवार और बुधवार)
- सोमवार- फ्लाइट दिल्ली से सुबह 7:50 बजे उड़ान भरेगी, 10:25 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और फिर 11:40 बजे अंबिकापुर लैंड करेगी। वापसी में दोपहर 12:05 बजे यह अंबिकापुर से दिल्ली के लिए रवाना होगी।
- बुधवार- दिल्ली से सुबह 7:50 बजे प्रस्थान, 10:25 बजे अंबिकापुर आगमन। इसके बाद 10:50 बजे बिलासपुर के लिए प्रस्थान और दोपहर 2:50 बजे तक दिल्ली वापसी।
2. कोलकाता रूट
(गुरुवार और शनिवार)
अंबिकापुर से कोलकाता के लिए सीधी सेवा 2 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। यह उड़ान हर गुरुवार और शनिवार को संचालित की जाएगी, जिससे व्यापारियों और छात्रों को कोलकाता जैसे बड़े बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।
किराया और बजट
आम आदमी की जेब को ध्यान में रखते हुए किराए को प्रतिस्पर्धी रखा गया है,
- अंबिकापुर से दिल्ली- लगभग 6,500 रुपये।
- अंबिकापुर से कोलकाता- लगभग 6,000 रुपये।
भविष्य की योजनाएं
अयोध्या और वाराणसी भी जुड़ेंगे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में अंबिकापुर को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से अयोध्या और वाराणसी से जोड़ने की भी योजना है। इसके अतिरिक्त, रायपुर एयरपोर्ट को एक ‘कार्गो हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ सरगुजा के कृषि उत्पादों और वनोपज को मिलेगा। बिलासपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने से अब इमरजेंसी मेडिकल सेवाएं भी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
सरगुजा के विकास पर प्रभाव
इस हवाई कनेक्टिविटी से सरगुजा संभाग के पर्यटन (जैसे मैनपाट और रामगढ़) को वैश्विक पहचान मिलेगी। साथ ही, आदिवासी क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय निवासियों के लिए अब दिल्ली या कोलकाता पहुंचना घंटों का नहीं, बल्कि मिनटों का काम रह गया है।
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