Barsur Dantewada Tourism: छत्तीसगढ़ का नया एडवेंचर हब!

Barsur Dantewada Tourism: छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अपनी प्राचीन संस्कृति और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसी बस्तर की गोद में बसा दंतेवाड़ा जिला अब केवल अपनी धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ‘अतुल्य दंतेवाड़ा’ (Incredible Dantewada) अभियान के माध्यम से देश के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म गंतव्य के रूप में उभर रहा है। बारसूर और मुचनार का संगम आज उन पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है जो एक ही यात्रा में रोमांच, प्रकृति और आस्था का अनुभव करना चाहते हैं।

एडवेंचर के शौकीनों के लिए जन्नत

जिपलाइन और नाइट कैंपिंग

बारसूर-मुचनार क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने कई आधुनिक गतिविधियां शुरू की हैं। यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता जिपलाइन है, जिसे जिले की सबसे लंबी जिपलाइन माना जाता है। जब आप हवा के वेग के साथ घने जंगलों और घाटियों के ऊपर से गुजरते हैं, तो वह अनुभव रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है। यह रोमांच उन युवाओं और परिवारों को आकर्षित कर रहा है जो कुछ हटकर करना चाहते हैं।

सिर्फ जिपलाइन ही नहीं, बल्कि यहाँ की नाइट कैंपिंग सुविधा ने पर्यटन के मायने बदल दिए हैं। इंद्रावती नदी की सहायक धाराओं और घने पेड़ों के बीच टेंट में रात बिताना किसी जादुई अहसास से कम नहीं है। तारों भरी रात, कैंपफायर की गर्माहट और सुबह पक्षियों की चहचहाहट के साथ नींद खुलना पर्यटकों को शहरी शोर-शराबे से दूर प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है। प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि पर्यटक निडर होकर जंगल के इस अनुभव का आनंद ले सकें।

इतिहास और आध्यात्मिकता का केंद्र

बारसूर के प्राचीन मंदिर

बारसूर को मंदिरों का शहर कहा जाता है। 10वीं और 11वीं शताब्दी के दौरान छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित यहाँ के मंदिर आज भी बस्तर की कला और वैभव की कहानी सुनाते हैं। यहाँ का बत्तीस मंदिर, चन्द्रदित्येश्वर मंदिर और विशाल गणेश प्रतिमा वास्तुकला के अद्भुत नमूने हैं। नागर शैली में बने ये मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि इतिहास के प्रति रुचि रखने वाले शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए भी एक खुली किताब की तरह हैं।

प्राकृतिक वैभव

सातधार नदी का जादू

आध्यात्मिक दर्शन के बाद जब आप सातधार की ओर रुख करते हैं, तो प्रकृति अपना पूरा सौंदर्य बिखेर देती है। यहाँ इंद्रावती नदी सात अलग-अलग धाराओं में बंट जाती है, जो एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करती है। नदी का कल-कल करता संगीत और चारों तरफ फैली मखमली हरियाली मानसिक शांति प्रदान करती है। यह स्थान पिकनिक, फोटोग्राफी और मेडिटेशन के लिए छत्तीसगढ़ के सबसे बेहतरीन स्पॉट्स में से एक माना जा रहा है।

‘अतुल्य दंतेवाड़ा’ अभियान

दंतेवाड़ा जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोल रही है। ‘अतुल्य दंतेवाड़ा’ के तहत यहाँ होमस्टे की सुविधा विकसित की जा रही है, जिससे पर्यटक बस्तर के स्थानीय खान-पान और जीवनशैली को करीब से देख सकेंगे। आने वाले समय में यहाँ ट्रेकिंग और बोटिंग जैसी नई गतिविधियां जोड़ने की भी योजना है, जो इसे पूर्ण टूरिस्ट पैकेज बना देगी। बेहतर सड़कें, साफ-सुथरे शौचालय और प्रशिक्षित गाइड्स की उपलब्धता ने बारसूर-मुचनार को एक सुरक्षित और सुगम पर्यटन स्थल बना दिया है।

Positive सार

यदि आप इतिहास प्रेमी हैं, प्रकृति के करीब जाना चाहते हैं या एडवेंचर के शौकीन हैं, तो बारसूर-मुचनार आपके लिए सबसे आदर्श स्थान है। यह क्षेत्र साबित करता है कि छत्तीसगढ़ की धरा पर विरासत और आधुनिकता का ऐसा सुंदर संगम दुर्लभ है। अपनी अगली छुट्टियों में ‘अतुल्य दंतेवाड़ा’ का हिस्सा बनें और बस्तर के इस अनमोल रत्न को करीब से महसूस करें।

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Rishita Diwan

Content Writer

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