

केरल में सीवेज की सफाई अब रोबोट की मदद से की जाएगी। इसका ट्रायल मंदिरों के शहर तिरुवनन्तपुरम में किया गया। सीवेज को साफ करने के लिए रोबोट स्केवेंजर, बैंडिकूट (Bandicoot) को लॉन्च किया गया है। इसके साथ ये देश में अपने सभी चालू मैनहोलों को साफ करने के लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल करने वाल देश का पहला राज्य भी बन गया है।
जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टाइन ने राज्य सरकार की 100-दिवसीय कार्य योजना के अंतर्गत केरल जल प्राधिकरण (KWA) द्वारा त्रिशूर जिले में गुरुवायूर सीवरेज परियोजना (Guruvayur Sewerage Project) के तहत बैंडिकूट का शुभारंभ किया। मंत्री के अनुसार “गुरुवायूर में परियोजना के शुभारंभ के साथ, केरल में हाथ से मैला साफ करने की प्रथा खत्म हो गई। केरल देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां मैनहोल की सफाई के लिए रोबोटिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।”
कैसे काम करता है बैंडिकूट?
रोबोटिक ट्रोन यूनिट (Tron Unit), बैंडिकूट की खास कंपोनेंट है, ये मैनहोल में जाता है और रोबोटिक हाथों के इस्तेमाल से सीवेज को हटाने का काम करता है। ये आदमी के अंगों के जैसे ही है। मशीन में वाटरप्रूफ, एचडी विजन कैमरे और सेंसर लगे हुए हैं जो मैनहोल के अंदर हानिकारक गैसों का पता लगाने में सक्षम हैं। केरल के जेनरोबोटिक्स (Genrobotics) ने इसे बनाया है। जिसने केरल स्टार्टअप मिशन (Kerala Startup Mission – KSUM) द्वारा आयोजित हडल ग्लोबल 2022 (Huddle Global 2022) कॉन्क्लेव में ‘केरल प्राइड’ पुरस्कार अपने नाम किय था।
गुरुवायुर नगर पालिका में रोबोटिक स्केवेंजर का उद्घाटन करते हुए, ऑगस्टाइन ने बताया कि पूरे राज्य में मैनहोल की सफाई के लिए टेक्नोलॉजी-संचालित समाधानों के उपयोग की दिशा में एक सफलता है। उन्होंने कहा कि “गुरुवायुर में बैंडिकूट के इस्तेमाल को मंजूरी के साथ, सभी कमीशन किए गए मैनहोल रोबोटिक क्रांति में बदल गए हैं। गुरुवायूर में रोबोटिक सफाई के संचालन के लिए KWA अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई जाएगी। सीवरेज सिस्टम के एडवांस्मेंट में मदद मिलेगी। महामारी और उनके कारण होने वाली गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के फैलने पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
बता दें कि बैंडिकूट केरल में सभी चालू सीवरेज और जल निकासी की सफाई करने का काम करेगा। बैंडिकूट रोबोट वर्तमान में भारत के 17 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ शहरों में काम कर रहा है। 2018 में, KWA ने तिरुवनंतपुरम में मैनहोल की सफाई के लिए बैंडिकूट का इस्तेमाल शुरू हुआ था। बाद में इसे एर्नाकुलम में भी लाने की पहल की गई। जेनरोबोटिक्स, एक टेक्नोपार्क-आधारित कंपनी है जिसने मैनहोल की सफाई में लगे श्रमिकों के लिए राहत प्रदान करने वाली मैनुअल स्कैवेंजिंग को खत्म करने का प्रयास किया है।

