

मोबाइल फोन्स और इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में अगर कुछ मिनट ही हमारा नेटवर्क ठीक नहीं हो तो हमारा काम पूरी तरह से प्रभावित हो जाता है। इस लेख के जरिए हम जानेंगे कि कैसे कुछ टेक्नीकल हैक्स की मदद से आप अपने कमजोर सिग्नल को बेहतर कर सकते हैं…
रखें सिग्नल्स की जानकारी
आपको ये पता करना होगा कि आपके वर्क प्लेस या घर में सबसे कमजोर सिग्नल्स कहां पर आते हैं। इसका सबसे आसान तरीका है फोन। मोबाइल के जरिए आप ये जान सकते हैं कि नेटवर्क के लिए अच्छा और खराब प्लेस कौन सा है। इसकी जानकारी आपके फोन के बार्स आपको देंगे। जिन हिस्सों में सिग्नल बार कम दिखें, समझ जाएं कि घर के इन्हीं हिस्सों में सबसे ज्यादा नेटवर्क सिग्नल्स को ठीक करने की जरूरत है।
स्मार्ट सिग्नल बूस्टर्स का इस्तेमाल
मोबाइल सिग्नल्स को सुधारने के लिए मोबाइल स्मार्ट सिग्नल बूस्टर का उपयोग कर सकते हैं। स्मार्ट सिग्नल बूस्टर आप तक सिग्नल्स के पहुंचने से पहले शक्तिशाली बेसबैंड प्रोसेसर के जरिए उन्हें साफ कर देते हैं। इसकी मदद से सिग्नल्स आप तक पहुंच जाता है। स्मार्ट सिग्नल बूस्टर का इस्तेमाल करने के लिए इसे आपको प्लग करना होगा। भले ही ये एनालॉग सिग्नल बूस्टर के मुकाबले थोड़े महंगे होते हैं लेकिन ये काम बढ़िया करते हैं।
सेलुलर रिपीटर का उपयोग
अगर घर में सिग्नल ठीक है लेकिन किसी एक कमरे में नेटवर्क की परेशानी है तो इसके लिए आपकी मदद सेलुलर रिपीटर करेगा। यह सस्ता और सरल विकल्प के तौर पर मौजूद है। एक अच्छा सेलुलर रिपीटर 2500 से 6000 रुपए के बीच में आसानी से मिलता है। सेलुलर रिपीटर के एंटीना को ऐसी जगह रखना होता है जहां कब से कम 2 बार आते हों। इसे इंस्टॉल करने के लिए तकनीकी सहायता की जरूरत पड़ सकती है।
वाईफाई कॉलिंग फीचर को अपनाएं
लेटेस्ट फोन वाईफाई कॉलिंग की सुविधा के साथ मिल रहे हैं। इससे कमजोर नेटवर्क सिग्नल्स की स्थिति में कॉल के वक्त काफी सुविधा होती है। घर में अगर वाईफाई का इस्तेमाल किया जाता है तो कॉल में बाधा की दिक्कत कम हो जाती है।
सॉफ्टवेयर करें अपडेट
अच्छे नेटवर्क के लिए फोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट करना सबसे जरूरी काम होता है। कई बार कंपनियां अपडेट के जरिए नेटवर्क सहित अन्य चीजों को फिक्स कर देती है। इसके साथ ही रेगुलर सॉफ्टवेयर अपडेट्स फोन पर सिग्नल रिसेप्शन को बेहतर करने में भी सहायक होते हैं। फोन मेकर सॉफ्टवेयर अपडेट्स में छोटे-मोटे बग्स व बदलती टेक्नोलॉजी के हिसाब से सॉफ्टवेयर पैचेस को एड करते जाते हैं।

