

• गृहमंत्री अमित शाह ने की बाढ़ प्रबंधन समीक्षा
• मौसम के अपडेट में टेक्नोलॉजी दिया जोर
• ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होंगे गोताखोर
देश फिलहाल बिपरजॉय तूफान का समाना कर रहा है, ऐसी ही परिस्थितियों से निपटने के लिए देश में कई तैयारियां की गई हैं। कुछ दिनों पहले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मानसून को लेकर देशभर में बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की थी। उन्होंने इसे लेकर दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक कर मौसम संबंधी वैज्ञानिक भविष्यवाणी और बाढ़ प्रबंधन को और बेहतर बनाने पर बल दिया था।
कॉमन सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश
अमित शाह ने बाढ़ और आपदा संबंधी जानकारी का विश्लेषण करने के लिए कॉमन सॉफ्टवेयर विकसित करने के निर्देश दिए। इसे गृह मंत्रालय और NDMA द्वारा मार्च 2024 तक तैयार कर लिया जाएगा। इस तकनीक से भविष्यवाणी करने वाली ऐजेंसीज़ को तत्काल वैज्ञानिक डाटा आसानी से मिल सकेगा। बैठक के दौरान सरकार की आपदा मित्र योजना में गांवों में उपलब्ध परंपरागत गोताखोरों को भी बचाव का प्रशिक्षण देने का भी निर्देश दिया गया।
बाढ़ समस्याओं की हुई समीक्षा
गृह मंत्री ने देश की स्थानीय बाढ़ समस्याओं को कम करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दीर्घकालिक उपायों की भी समीक्षा की। केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिकारियों को देश के प्रमुख जलग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ और जलस्तर में वृद्धि की भविष्यवाणी के लिए एक स्थायी प्रणाली बनाने की बात कही। केन्द्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने के प्रयास को भी उन्होंने जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
समय पर पहुंचेगे मौसम अपडेट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और केंद्रीय जल आयोग (CWC) जैसे विशिष्ट संस्थान इसके लिए मिलकर काम करेंगे। वे मौसम और बाढ़ के अधिक सटीक पूर्वानुमान के लिए अपनी तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे। साथ ही SMS, टीवी,
FM रेडियो और अन्य माध्यमों से जनता तक बिजली गिरने के बारे में IMD की चेतावनी भी जनता तक समय पर पहुंचाई जाएगी।
IMD के ऐप से लगाया जा सकेगा पूर्वानुमान
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि IMD द्वारा विकसित ‘उमंग’, ‘रेन अलार्म’ और ‘दामिनी’ जैसे मौसम पूर्वानुमान से संबंधित विभिन्न मोबाइल ऐप का लाभ आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए इनका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार हो रहा है।

