Asian Games: महिला कबड्डी टीम ने मेडल के सेंचुरी को किया पूरा, ताइवान को हराकर जीता गोल्ड!

साल 2023 का एशियन गेम्स भारत के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। अपने अब तक के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के दौर से भारत गुजर रहा है और इसके साथ ही 6 अक्टूबर को कबड्डी की टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर भारत के 100 मेडल के सेंचुरी को पूरा कर दिया है। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ताइवान को हराकर भारत को 100वां मेडल दिलाया है। इनमें से 25 मेडल गोल्ड है। इसके साथ ही भारत ने और सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के आंकड़ों को भी ऊपर पहुंचा दिया है।

शानदार खेल के साथ गोल्ड की बनीं हकदार

भारतीय महिला कबड्डी टीम ने रोमांचक फाइनल में ताइवान को 26-25 से मात देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम भी गोल्ड मेडल जीत चुकी है। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ताइवान के खिलाफ शुरूआत से ही बेहतरीन खेल प्रदर्शन किया। हाफ टाइम तक भारतीय टीम 14-9 से आगे चल रही थी। दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 26-25 से मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल भारत के नाम किया। मैच के आखिर तक दोनों ही टीमों के बीच रोचक भिड़ंत दिखाई दिया। भारत अब तक 9 खेलों में कम से कम एक-एक गोल्ड मेडल हासिल कर चुकी है। सबसे ज्यादा 7 गोल्ड शूटिंग में अब तक मिले हैं। इसके अलावा गोल्ड एथलेटिक्स और आर्चरी में भी आए हैं। स्क्वाश में भी गोल्ड मिले हैं। इसके अलावा टेनिस, घुड़सवारी, क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी में भी एक-एक गोल्ड मेडल भारत के नाम है।

 

भारतीय खिलाड़ी दिखा रहे दमखम

भारत ने शुक्रवार अब तक 100 मेडल जीत लिए हैं। 7 अक्टूबर को भी 4 मेडल आर्चरी में मिले। सुरेश वेन्नम और ओजस देवताले ने गोल्ड मेडल जीता वहीं अभिषेक वर्मा ने सिल्वर तो अदिति स्वामी ने ब्रॉन्ज अपने नाम है। इससे पहले भारत ने 2018 एशियन गेम्स में सबसे अधिक 70 मेडल हासिल किए थे। एशियन गेम्स में अब तक सबसे ज्यादा मेडल एथलेटिक्स में मिले हैं। वहीं भारतीय शूटर्स ने भी मेडल जीतकर भारत को पदक तालिका में टॉप पर पहुंचाया है। आर्चरी टीम भी मेडल जीतने में सफल रही है।
ज्योति सुरेखा वेन्नम और ओजस देवताले ने गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगा दी है। अदिति स्वामी को ब्रॉन्ज मेडल मिला है। आर्चरी टीम ने कुल 9 मेडल अपने नाम किए हैं। इससे पहले भारत ने इंचियोन में 2014 में हुए खेलों में 3 मेडल भारत के लिए जीते थे। गोल्ड जीतने के बाद ज्योति ने कहा था, मेरे पास शब्द नहीं, मेरे अंदर इतने जज्बात उमड़ रहे हैं। मुझे सोचने के लिए समय लग रहा है। इसके अलावा वहीं गुरू और शिष्य के मुकाबले में 21 वर्ष के विश्व चैम्पियन देवताले ने 34 वर्ष के अभिषेक वर्मा को 149-147 से हरा दिया था।

Avatar photo

Dr. Kirti Sisodia

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 
Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001
Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

GET OUR POSITIVE STORIES