Cricket terminology: भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी खिलाड़ी के इंटरनेशनल डेब्यू या टीम में वापसी की बात होती है, तो अक्सर ‘घरेलू क्रिकेट’ (Domestic Cricket) का जिक्र आता है। आपने खबरों में सुना होगा कि किसी खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी में शतक जड़ा या विजय हजारे ट्रॉफी में पांच विकेट लिए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी20 क्रिकेट में तकनीकी अंतर क्या है?
इन दिनों विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज विजय हजारे ट्रॉफी में पसीना बहा रहे हैं, वहीं ईशान किशन ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कप्तानी करते हुए झारखंड को खिताब दिलाया और टी20 वर्ल्ड कप टीम में अपनी जगह पक्की की। आइए, क्रिकेट की इस ‘नर्सरी’ के हर प्रारूप को विस्तार से समझते हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट (First Class Cricket)
- धैर्य की परीक्षा
फर्स्ट क्लास या ‘प्रथम श्रेणी क्रिकेट’ को खेल का सबसे शुद्ध और कठिन प्रारूप माना जाता है। यह लंबी अवधि का खेल है, जो आमतौर पर 4 या 5 दिनों तक चलता है।
- नियम
कोई भी मैच जो कम से कम तीन दिनों का हो और जिसमें 11-11 खिलाड़ी खेल रहे हों, उसे प्रथम श्रेणी का दर्जा दिया जाता है। इसमें रेड बॉल (लाल गेंद) का इस्तेमाल होता है और खिलाड़ी सफेद जर्सी में नजर आते हैं।
- प्रमुख टूर्नामेंट
भारत की रणजी ट्रॉफी, ईरानी कप और दलीप ट्रॉफी इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। वैश्विक स्तर पर इंग्लैंड की काउंटी चैंपियनशिप और ऑस्ट्रेलिया की शेफील्ड शील्ड भी इसी श्रेणी में आती हैं।
- खास बात
सभी टेस्ट मैच ‘फर्स्ट क्लास क्रिकेट’ के आंकड़ों में गिने जाते हैं, लेकिन हर फर्स्ट क्लास मैच टेस्ट मैच नहीं होता। केवल टेस्ट दर्जा प्राप्त देशों के बीच होने वाले मैचों को ही अंतरराष्ट्रीय टेस्ट माना जाता है।
लिस्ट-ए क्रिकेट (List-A Cricket)
वनडे का घरेलू अवतार
लिस्ट-ए क्रिकेट सीमित ओवरों के क्रिकेट का वह प्रारूप है, जो अंतरराष्ट्रीय वनडे (ODI) मैचों के समान होता है।
- नियम
यह मुकाबला आमतौर पर 50 ओवर का होता है, हालांकि कभी-कभी इसे 40 से 60 ओवर के बीच भी आयोजित किया जा सकता है। यह मैच करीब 8 घंटे में समाप्त हो जाता है। इसमें सफेद गेंद और रंगीन कपड़ों का इस्तेमाल होता है।
- प्रमुख टूर्नामेंट
भारत की विजय हजारे ट्रॉफी लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे बेहतरीन उदाहरण है। इसमें विभिन्न राज्यों की टीमें जैसे मुंबई, दिल्ली और बिहार एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं।
- महत्व
वनडे वर्ल्ड कप या चैंपियंस ट्रॉफी के लिए खिलाड़ियों का चयन अक्सर लिस्ट-ए क्रिकेट के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।
टी20 क्रिकेट (T20 Cricket)
- फटाफट क्रिकेट का रोमांच
यह क्रिकेट का सबसे छोटा और आधुनिक प्रारूप है, जिसने पिछले डेढ़ दशक में खेल की लोकप्रियता को चरम पर पहुँचा दिया है।
- नियम
प्रत्येक टीम को 20-20 ओवर खेलने का मौका मिलता है। यह मैच 3 से 4 घंटे में खत्म हो जाता है। इसमें छक्कों की बारिश और तेज खेल प्राथमिकता होती है।
- प्रमुख टूर्नामेंट
भारत की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी प्रमुख घरेलू टी20 टूर्नामेंट है। इसके अलावा दुनिया भर की लीग जैसे IPL, पाकिस्तान सुपर लीग (PSL), और बिग बैश लीग (BBL) भी टी20 क्रिकेट का ही हिस्सा हैं।
- खास
दिलचस्प बात यह है कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी पहले वनडे फॉर्मेट में होती थी, लेकिन टी20 की बढ़ती मांग को देखते हुए इसे छोटे फॉर्मेट में बदल दिया गया। अब तो कुछ जगहों पर 10-10 ओवर (T10) के मैच भी खेले जाने लगे हैं।
घरेलू क्रिकेट क्यों है जरूरी?
घरेलू क्रिकेट को ‘टैलेंट की नर्सरी’ कहा जाता है। यह वह मंच है जहाँ युवा खिलाड़ी दबाव में खेलना सीखते हैं। जब ईशान किशन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाते हैं, तो वह चयनकर्ताओं को संदेश देते हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार हैं। इसी तरह, रणजी ट्रॉफी में रनों का पहाड़ खड़ा करने वाला खिलाड़ी ही टेस्ट क्रिकेट की लंबी पारियों के लिए मानसिक रूप से तैयार माना जाता है।
Positive Takeaway
संक्षेप में कहें तो, फर्स्ट क्लास क्रिकेट आपकी तकनीक और धैर्य को निखारता है, लिस्ट-ए आपकी स्थिरता की परीक्षा लेता है, और टी20 आपकी आक्रामकता और मानसिक चपलता को परखता है। एक सफल क्रिकेटर बनने के लिए इन तीनों प्रारूपों में सामंजस्य बिठाना अनिवार्य है।
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