Ram Mandir: राम जन्मभूमि में मिट्टी का है महत्व, मंदिर के लिए इस देश ने भेजी थी मिट्टी!

Ram Mandir Mitti: एक प्रसिद्ध कहावत है कि ‘एक दिन माटी में ही मिल जाना है’ इस बात में काफी गहराई है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति के लिए जन्मभूमि से बढ़कर कुछ भी नहीं लेकिन जब बात भगवान श्री राम के जन्मभूमि की माटी की हो रही हो तो ये किसी सौभाग्य से कम नहीं है। दरअसल राम मंदिर के लिए मिट्टी खास तोहफे में मिली थी और अब राम मंदिर आने वाले मेहमानों को भी उपहार स्वरूप मिट्टी दान की जाएगी। जानते हैं क्या है राम जन्म भूमि में मिट्टी का रोल…

थाइलैंड ने तोहफे में भेजी थी मिट्टी 

थाईलैंड से राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले मिट्टी मंगवाई गई। इस मिट्टी का आना कोई सामान्य बात नहीं है क्योंकि थाईलैंड का भगवान श्री राम से गहरा संबंध है। असल में थाईलैंड में बौद्ध धर्म का निर्वाहन होता है। जो भारत की धार्मिक संस्कृति का अहम हिस्सा है। धार्मिक रूप से थाईलैंड और भारत का गहरा संबंध है। पुराणों में इस बात का जिक्र है कि भगवान श्री राम के वंशज थाईलैंड में शासन कर चुके हैं। यही वजह है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए जितनी उत्सुकता और भक्ति भारतीयों में है उतनी ही उत्सुकता और हर्षोल्लास थाईलैंड के लोगों में भी दिखाई दे रही है। मिट्टी देना थाईलैंड के भक्ति भाव का उदाहरण है। 

11 पवित्र स्थानों से मंगवाई गई मंदिर के नींव के लिए मिट्टी 

थाइलैंड के अलावा भारत के 11 पवित्र स्थानों से भी राम मंदिर के नींव के लिए मिट्टी मंगवाई गई है। जिनमें सिद्धपीठ कालका जी, पांडव कालीन पुराने किले के पास बने भैरव मंदिर, गुरुद्वारा शीशगंज, गौरीशंकर मंदिर चांदनी चौक, श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर चांदनी चौक, हनुमान मंदिर कनाट प्लेस, प्राचीन शिव नवग्रह मंदिर कनाटप्लेस, प्राचीन काली माता मंदिर बांग्लासाहिब, श्री लक्ष्मीनारायण बिरला मंदिर, भगवान वाल्मीकि मंदिर, मंदिर मार्ग और बद्री भगत झंडेवालान मंदिर करोलबाग स्थल शामिल हैं।

थाइलैंड में पढ़ी जाती है रामायण 

थाइलैंड और राम भगवान का रिश्ता इस बात से भी खास हो जाता है कि थाईलैंड में लोग आज भी रामायण पढ़ते हैं। यहां रामायण को राम लीला के समान ही दिखाया भी जाता है। रामायण को थाइलैंड की भाषा में ‘रामकियेन’ कहते हैं। इसके अलावा, हिन्दू धर्म के कई प्रतीक चिन्ह थाईलैंड के मंत्रायलों के प्रतीक चिन्हों से हुबहू मिलते हैं। जैसे कि श्री गणेश, गरुड़ जी और ब्रह्मा जी की मूर्ति वहां के प्रमुख चिन्हों में शामिल हैं।

राम मंदिर में मेहमानों को उपहार स्वरूप मिलेगी राम मंदिर की मिट्टी

राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक समारोह में शामिल होने वाले 11 हजार से ज्यादा मेहमानों और आमंत्रित लोगों को राम मंदिर से जुड़ा यादगार उपहार भेंट किया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट की ओर प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने वाले मेहमानों और आमंत्रित सदस्यों को ऐसा उपहार देने की व्यवस्था की गई है जो भक्ति भाव से प्रेरित है। ट्रस्ट के मुताबिक राम मंदिर की नींव की खुदाई के दौरान निकाली गई राम जन्मभूमि की मिट्टी को भेंट स्वरूप दिया जाएगा। मिट्टी को डिब्बों में पैक किया गया है। इसे देसी घी से बने 100 ग्राम मोतीचूर के लड्डू के साथ दिया जाएगा।

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Rishita Diwan

Content Writer

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