Chhattisgarh foundation: 25 वर्षों में ‘धान का कटोरा’ बना विकास का ‘हीरा’

Chhattisgarh foundation: 1 नवंबर, 2000 को भारत के मानचित्र पर एक नए राज्य का उदय हुआ था, नाम है छत्तीसगढ़। अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर, यह युवा राज्य 2025 में अपनी रजत जयंती वर्ष मना रहा है। यह अवसर सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि दो दशकों से अधिक के उस सफर का लेखा-जोखा है, जिसमें छत्तीसगढ़ ने चुनौतियों को पार करते हुए प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं।

एक समय मध्य प्रदेश के हिस्से के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान के लिए संघर्ष करने वाला यह राज्य, आज संस्कृति, कृषि, खनिज और सुशासन के मोर्चे पर देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। आइए, इस विशेष छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर, इसके समग्र विकास की कहानी को विस्तार से समझते हैं।

समृद्धि का आधार, ‘धान का कटोरा’

छत्तीसगढ़ की पहचान का सबसे मजबूत आधार इसकी कृषि है। ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले इस राज्य ने खेती के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।

  • राज्य की स्थापना के बाद, धान के उत्पादन और खरीद में कई गुना वृद्धि हुई है। सरकार की किसान-हितैषी नीतियों ने किसानों को सशक्त किया है।
  • धान के अलावा, राज्य ने दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया है, जिससे कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
  • कृषि क्षेत्र में आई समृद्धि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाया है, जो छत्तीसगढ़ की 80% आबादी का आधार है।

धरती का अनमोल खजाना

छत्तीसगढ़ देश की खनिज संपदा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर के उत्पादन में अग्रणी है। लेकिन सबसे रोमांचक कहानी इसके हीरे के विशाल भंडारों की है।

विरासत और संस्कृति

छत्तीसगढ़ की संस्कृति इसकी सबसे बड़ी पूंजी है। यह राज्य अपने आदिवासी समुदाय, लोक कलाओं और उत्सवों के लिए जाना जाता है।

विविध जनजातियाँ

बस्तर से लेकर सरगुजा तक फैली जनजातीय संस्कृति, इस राज्य को एक अनूठी पहचान देती है। यहाँ के स्थानीय शिल्प, जैसे बस्तर का बेलमेटल और टेराकोटा कला, वैश्विक स्तर पर सराहे जाते हैं।

राज्य उत्सव (राज्योत्सव)

हर साल 1 नवंबर को मनाया जाने वाला राज्योत्सव कार्यक्रम, राज्य की स्थापना का पर्व होने के साथ-साथ यहाँ की कला, संस्कृति, विकास और एकता को प्रदर्शित करने का एक भव्य मंच होता है।

सुशासन और भविष्य की ओर

  • 25 साल की यात्रा में, छत्तीसगढ़ ने सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति की है।
  • बुनियादी ढाँचा जैसे सड़कों, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार ने दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा है।

युवा शक्ति

शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी को उभरते उद्योगों (जैसे खनिज और IT) के लिए तैयार किया जा सके।

नया संकल्प

रजत जयंती वर्ष को ‘अटल निर्माण वर्ष’ (Atal Nirman Varsh) के रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि छत्तीसगढ़ को अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों के अनुरूप समृद्ध राज्य बनाया जा सके।

Positive Takeaway

छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की यात्रा, संघर्ष और सफलता की एक गौरव गाथा है। अपने नैसर्गिक सौंदर्य, विशाल खनिज संपदा और मजबूत कृषि आधार के साथ, छत्तीसगढ़ अब केवल एक नवगठित राज्य नहीं है, बल्कि एक ऐसा राज्य है जो अपनी क्षमता को पूरी तरह पहचान चुका है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के इस शुभ अवसर पर, यह स्पष्ट है कि ‘धान का कटोरा’ अब विकास और समृद्धि की चमक बिखेरता हुआ, आने वाले दशकों में भारत के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह मजबूत करेगा।

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Rishita Diwan

Content Writer

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