Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को देश की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करेंगी। Nirmala Sitaraman देश की दूसरी महिला हैं जिन्होंने अब तक केंद्रीय बजट पेश किया है। उनसे पहले देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बजट पेश किया था। इस लेख के जरिए जानेंगे कि आखिर बजट कैसे तैयार होता है?
महत्वपूर्ण प्रक्रिया
जब आप अपने घर का बजट तैयार करते हैं तो कितनी सावधानी और सोच-समझकर खास रणनीति अपनाते हैं। तो जरा सोचिए कि ये तो देश का बजट है। दरअसल देश का बजट तैयार करने की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई महीनों पहले से ही इसकी तैयारी शुरू हो जाती है। इस प्रोसेस में हजारों लोग दिन-रात एक करके पूरा हिसाब-किताब कर बजट तैयार करते हैं। आपको बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, केंद्रीय बजट किसी वर्ष सरकार की अनुमानित आमदनी और खर्च का लेखाजोखा है।
सबकी राय जरूरी
आम बजट बनाने की प्रक्रिया में सभी का पार्टिसिपेशन होता है। इसके लिए वित्त मंत्रालय पिछले कई सालों से देश के नागरिकों से भी सुझाव मांगता आ रहा है। Budget 2026 के लिए भी वित्त मंत्रालय ने लोगों से सुझाव मांगा था। वित्त मंत्रालय उद्योग से जुड़े संगठनों और पक्षों से भी सुझाव लिया जाता है।
कौन बनाता है देश का बजट?
बजट बनाने की प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय, नीति आयोग और सरकार के दूसरे जरूरी मंत्रालय शामिल होते हैं। वित्त मंत्रालय हर साल खर्च के आधार पर गाइडलाइन जारी कर लोगों से राय और ब्यौरा मांगता है। इसके बाद मंत्रालयों को अपनी-अपनी जरूरत को बताना होता है।
वित्त मंत्रालय के बजट डिवीजन को बजट बनाने की जिम्मेदारी मिलती है। ये डिवीजन नोडल एजेंसी होती है, बजट डिवीजन का काम होता है कि वो सभी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, ऑटोनॉमस बॉडी, विभागों और रक्षा बलों को सर्कुलर जारी करके उन्हें अगले वर्ष के अनुमानों को बताने के निर्देश दे। मंत्रालयों और विभागों से मांगों के बारे में पता चलने के बाद वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के बीच गहन चर्चा होती है।
इसके अलावा आर्थिक मामलों का विभाग और राजस्व विभाग इकोनॉमिस्ट, कारोबारियों, किसान और सिविल सोसाइटी जैसे हितधारकों के साथ बैठक कर चर्चा करते हैं। इस दौरान सभी की राय ली जाती है। बजट-पूर्व बैठकों का दौर खत्म होने पर टैक्स प्रस्तावों पर आखिरी फैसला वित्त मंत्री के साथ लिया जाता है। बजट को फाइनल टच देने से पहले सभी प्रस्तावों पर प्रधानमंत्री के साथ चर्चा होती है।
महत्वपूर्ण अधिकारी देते हैं अंतिम रूप
बजट के सभी डॉक्युमेंट्स को कुछ खास चुने हुए अधिकारी ही तैयार करते हैं। इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले सभी कंप्यूटर्स को दूसरे नेटवर्क से डीलिंक किया जाता है ताकि Budget की जानाकारी बाहर न जाए। बजट पर काम कर रहा लगभग 100 लोगों का स्टाफ करीब 2 से 3 हफ्ते नॉर्थ ब्लॉक ऑफिस में ही पूरे समय रहता है, इस समय उनको बाहर आने की इजाजत नहीं दी जाती है। नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट स्थित प्रिंटिंग प्रेस में बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी लगभग लॉक होते हैं। बजट बनाने की प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने परिजनों तक से बातचीत करने और मिलने की अनुमति नहीं होती है।
संसद में होता है प्रस्तुत
बजट पेश करने की तारीख पर सरकार लोकसभा स्पीकर से परमिशन लेती है। इसके बाद लोकसभा सचिवालय के महासचिव राष्ट्रपति से मंजूरी मांगते हैं। इसके बाद वित्त मंत्री लोकसभा में बजट पेश करते हैं। बजट पेश करने से ठीक पहले ‘समरी फॉर द कैबिनेट’ के जरिए बजट के प्रस्तावों पर कैबिनेट को Budget Summary बताया जाता है। वित्त मंत्री के भाषण के बाद सदन के पटल पर बजट को रखते हैं।
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