संसद में समाहित है पूरा देश, अलग-अलग हिस्सों की खासियत नए संसद भवन को कर रही है सुशोभित!



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नए संसद भवन को देश के नाम समर्पित किया। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी पूरा देश बना। कई विशेषताओं वाला देश का नया संसद भवन काफी आकर्षक है। नए भवन में कई राज्योंप की विशेषता को समेटा गया है। नए संसद भवन परिसर को बनाने में उत्तकर प्रदेश, राजस्थाेन से लेकर मध्यर प्रदेश और त्रिपुरा तक से लाई गई कई निर्माण सामग्रियों कृ इस्ते्माल किया गया है।

नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 35 मिनट की बातचीत की। मंत्रोचरण के बीच सेंगोल को लोकसभा अध्यनक्ष की सीट के करीब स्था पित कर देश के गौरव को बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संसद भवन नए भारत, श्रेष्ठ भारत की मांग थी। यह भवन देश की समृद्धि और सामर्थ्य को नई गति प्रदान करेगा। जानते हैं कि नए संसद भवन में किस राज्यश की कौन सी सामग्री लगाई गयी है।

राजस्थाकन का सैंडस्टोन बढ़ा रहा संसद की सुंदरता

नए संसद भवन के निर्माण में जिस सैंडस्टोन का इस्ते माल किया गया है वह राजस्था न के सारमथुरा से लाया गया है। देश की राजधानी के लाल किला और हुमांयू के मकबरे में भी इसी पत्थरर का इस्तेसमाल हुआ है। इस पत्थनर के इस्तेधमाल से नए भवन को ऐतिहासिक रूप दिया गया है। वहीं, लोकसभा के अंदर इस्तेगमाल किया गया केसरिया हरा पत्थेर उदयपुर से दिल्ली तक लाया गया था। राज्य्सभा के भीतर लगाया गया रेड ग्रेनाइट राजस्थायन में अजमेर के लाखा से और सफेद संगमरमर अंबाजी से मंगवाया गया है। पत्थ र से बनाई गईं जालियां राजस्थाकन से मंगवाई गई थी।

यूपी और महाराष्ट्रं की मूर्तिकारी

उदयपुर के आबू रोड के मूर्तिकारों ने पत्थर की नक्काशी के काम को पूरा किया है। वहीं, स्टोलन एग्रीगेटर्स कोटपूतली से आए हैं। संसद भवन के पूरे परिसर में इस्ते माल टीकवुड महाराष्ट्रग के नागपुर से लाई और संसद भवन के अंदर लगाया गया फर्नीचर मुंबई में तैयार हुआ था। इसके बाद इसे दिल्ली तक लाया गया। परिसर में पत्थदर से बनी जालीदार संरचनाओं का काम राजस्थाफन के अलावा उत्तसर प्रदेश में भी हुआ है। अशोक प्रतीक को तराशने के लिए इस्तेदमाल की गई सामग्री जयपुर से मंगाई गई थी।

मध्य प्रदेश से अशोक चक्र

परिसर में स्टीपल से बनाए गए फाल्स सीलिंग स्ट्रपक्च र्स दमन व द्वीव में बने हैं। वहीं, मूर्तियों को तराशने के लिए सामग्री राजस्थाशन के साथ ही औरंगाबाद से भी मंगवाई गई थी। संसद के उच्च् सदन यानी राज्यवसभा और निचले सदन यानी लोकसभा में स्थाथपित अशोक चक्र मध्‍य प्रदेश के इंदौर में तैयार हुआ हा। इसके अलावा भी कई चीजें देश के अलग-अलग राज्योंश से लेकर नए संसद भवन परिसर में स्थापित करवाई गई हैं।

हरियाणा की है एम-सैंड

संसद भवन में इस्तेदमाल एम-सैंड हरियाणा के चरखी दादरी से मंगवाई गई हैं। वहीं, फ्लाई एश से बनी ईंटें हरियाणा और उत्त्र प्रदेश की हैं। नई संसद में इस्ते माल पीतल का काम और प्री-कास्ट् ट्रांचेज गुजरात के अहमदाबाद से मंगवाई गई है। नए संसद भवन में इस्तेेमाल एक्समटीरियर वर्क मध्यर प्रदेश के इंदौर में तैयार हुआ था।

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Dr. Kirti Sisodia

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